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पुणे विस्फोट खुफिया विफलता नहीं : चिदंबरम

Swatantra Vaartha  Mon, 15 Feb 2010, IST

पुणे विस्फोट खुफिया विफलता नहीं : चिदंबरम

pune bom blast, no vifalitha, chitambarपुणे/नई दिल्ली। गृह मंत्री पीचिदंबरम ने आज कहा कि पुणे विस्फोट मामला किसी तरह की खुफिया विफलता का परिणाम नहीं था, बल्कि आतंकवादियों ने ‘आसान निशाने’ को लक्ष्य बनाकर वहां धोखे से बम रखा था। आमतौर पर वहां विदेशी लोग भी मौजूद होते हैं।

चिदंबरम ने यहां स्थानीय अस्पताल का दौरा करने और घायलों से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया कि कोरेगांव पार्क में स्थित चाब़ड हाऊस और ओशो आश्रम की पुलिस ने तलाशी ली थी, क्योंकि यह स्थान आतंकवादियों के निशाने पर थी, लेकिन ऐसे आसान लक्ष्यों को २४ घंटे सुरक्षा प्रदान करना कठिन है। गृहमंत्री ने विस्फोट में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों को स्वयं सुरक्षा के उपाय करने चाहिए, क्योंकि पुलिस के लिए यह संभव नहीं है कि वह सभी लोगों, उनके बैग या स्थानों की हर समय जांच करे। चिदंबरम ने कहा, ‘यह स्थान आतंकवादियों के निशाने पर थी। इस मामले में कोई खुफिया विफलता नहीं है, लेकिन इस बात को समझें कि यह किसी बंदूकधारी की ओर से किया गया हमला नहीं था। यह धोखे से रखा गया बम था, जिसे पैकेट में बंद कर रखा गया प्रतीत होता है।’ बेकरी के पास ही स्थित ओशो आश्रम और यहूदियों का चाब़ड हाऊस को ‘कठिन निशाना’ करार देते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘इन कठिन लक्ष्यों के अलावा आसान निशाने भी हैं, ये सभी (जर्मन बेकरी और पास ही स्थित इतालवी रेस्तरां) आसान निशाने हैं, जहां व्यस्त समय में विदेशी लोग तथा भारतीय पहुंचते हैं।’ जिनकी टोह ‘लश्करएतैयबा’ के अमेरिकी संदिग्ध डेविड हेडली ने भारत यात्रा के दौरान ली थी और ये स्थान कुछ समय से आतंकवादियों के निशाने पर थे।

चिदंबरम ने कहा कि महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) विस्फोट की जांच करेगा। उसने इसके लिए दल कर गठन कर लिया है। गौरतलब है कि पुणे में यहूदियों के प्रार्थना स्थल के नजदीक एक बेकरी में कल शाम हुए बम विस्फोट में पांच महिलाआें समेत नौ लोग मारे गए थे, जबकि ५७ अन्य घायल हो गए थे। आईआईडी विस्फोटक जर्मन बेकरी की रसोई के बाहर रखे एक लावारिस पैकेट में रखा था, जिसमें शाम लगभग स़ाढे सात बजे जबर्दस्त धमाका हुआ, जब वेटर ने उसे खोलने का प्रयास किया। बहरहाल, केंद्रीय गृह सचिव जीकेपिल्लई ने दिल्ली में कहा कि मृतकों में कोई भी विदेशी नहीं था। उन्होंने कहा, ‘इस घटना में मारे गये नौ लोगों में अभी तक किसी विदेशी नागरिक की पहचान नहीं की गई है। नौ मृतकों में तीन लोगों की पहचान की गई है, जो भारतीय हैं। शेष लोगों के शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। पिल्लै ने कहा कि घायलों में चार ईरानी, दो सुडानी, एक ताइवानी, एक जर्मन और दो नेपाली नागरिक हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि एक व्यक्ति या कुछ लोग ग्राहक के रूप में जर्मन बेकरी में आये और उनमें से एक व्यक्ति ने बेकरी के टेबल के नीचे पैकेट रख दिया। इस मामले में किसी तरह की खुफिया विफलता से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस इस स्थान के पास स्थित ओशो आश्रम और चाब़ड हाऊस के बारे में सचेत थी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस सिलसिले में किसी को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने कहा, ‘हम आपको प्रति घंटे गिरफ्तार किये गए लोगों या जांच की रिपोर्ट नहीं देंगे, यह गलत है। पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी गई है।’ गृहमंत्री ने कहा कि मीडिया को जरूरत के अनुसार समयसमय पर सूचनाएं दी जायेंगी और उन्हें कोई अटकलें नहीं लगाने को कहा गया है।

चिदंबरम ने कहा कि दिल्ली समेत अन्य स्थानों से फारेंसिक विशेषज्ञ नमूना एकत्र कर रहे हैं और ‘हम जल्द ही एक रिपोर्ट जारी करेंगे कि किस प्रकार के विस्फोटक का उपयोग किया गया था। उन्होंने कहा, ‘पहले आकलन रिपोर्ट आ जाने दें, और उसके बाद हम इसकी पहचान कर पायेंगे कि किस प्रकार के विस्फोटक का उपयोग किया गया था और तब हम कोई निष्कर्ष निकालेंगे।’

विस्फोट में इंडियन मुजाहिदीन समेत किसी आतंकी संगठन के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा, ‘हम किसी बात को खारिज नहीं कर रहे हैं और कुछ नहीं कह रहे हैं।’ कल के विस्फोट और इससे हेडली के संबंध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी कोई भी निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘डेविड हेडली ने चाब़ड हाउस की टोह ली थी, यह सही है। इस समय यह अकेला तथ्य है। अब इस एकमात्र घटना से यह हमला ज़ुडा हुआ है, इसका उत्तर देने का अभी ठीक समय नहीं है।

हमें जांच का इंतजार करना चाहिए और इस बात का पता लगाना चाहिए कि इस घटना के पीछे कौन है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या इस विस्फोट का उद्देश्य प्रस्तावित भारतपाक सचिव स्तरीय वार्ता को प्रभावित करना है, मंत्री ने कहा, ‘मैं यहां राजनयिक या विदेश मामलों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने नहीं आया हूं। इन बातों पर दिल्ली में विचार किया जायेगा, इन बातों पर दिल्ली वापस लौटने पर चर्चा होगी।’

राज्य सरकार के खुफिया रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लेने से संबंधित प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री ने कहा, ‘नहीं, यह सही नहीं है। राज्य सरकार ने सुझाव को गंभीरता से लिया और संभावित निशानों पर सुरक्षा उपाए किये गये। यहां जो हुए वह धोखे से रखे गए बम के कारण हुआ।’ चिदंबरम ने कहा कि इस आसान निशाने (जर्मन बेकरी) पर भारतीय और विदेशी आमतौर पर पहुंचते थे और किसी विशेष देश के नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया है।

घायलों में अधिकांश के युवा होने का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, ‘हमले का निशाना बना बेकरी छोटे से क्षेत्र ३५० वर्ग फुट में फैला हुआ है, जहां ६६ लोग बैठ सकते हैं। दुर्भाग्य से इन्हें हमले का आसान निशाना बनाया गया।’

उन्होंने कहा कि शुरू में ऐसा लगा कि विस्फोट एलपीजी सिलिंडर के फटने से हुआ, ‘लेकिन ‘कुछ ही मिनट के बाद पता चला कि पैकेट में बम रखा गया था।’ चिदंबरम ने कहा कि पूरी दुनिया में ऐसा मानक चलन है कि लावारिस प़डी वस्तु दिखाई देने पर पुलिस को सूचित किया जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘क्या यह दुकान की ओर से सुरक्षा खामी है, यह जांच का विषय है।’ गृह मंत्री ने कहा कि नवगठित राष्ट्रीय जांच एजेंसी का दल महाराष्ट्र एटीएस को जांच में मदद करेगा।

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