जहीर व भज्जी ने दिलायी भारत को वापसी
कोलकाता। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे एल्विरो पीटरसन और बेहतरीन फार्म में चल रहे हाशिम अमला के शतक से एक समय बैकफुट परपहुंचे भारत को जहीर खान और हरभजन सिंह ने तीसरे सत्र में महत्वपूर्ण सफलता दिलाकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन आज यहां शानदार वापसी दिलायी।
पीटरसन (१००) और अमला (११४) के बीच दूसरे विकेट के लिये २०९ रन की साझेदारी से दक्षिण अफ्रीका का स्कोर चाय के विश्राम तक दो विकेट पर २२८ रन था, लेकिन इसके बाद भारत ने ३२ रन के अंदर उसके सात विकेट निकाल दिये और आलम यह था कि जब खराब रोशनी के कारण पहले दिन का खेल समाप्त किया गया तब वह नौ विकेट पर २६६ रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। जहीर खान और हरभजन सिंह दोनों ने तीनतीन विकेट अपने नाम किये हैं। जहीर ने जहां शुरू में सफलता दिलवायी, वहीं हरभजन ने अपने पसंदीदा मैदान ईडन गार्डन्स पर फार्म में वापसी करके बीच दो रन के अंदर तीन विकेट लेकर मैच का पासा एकदम से भारत के पक्ष में पलट दिया। अब दक्षिण अफ्रीका की अंतिम ज़ोडी वायने पार्नेल (दो) और मोर्ने मोर्कल (तीन) क्रीज पर है।
इससे पहले ग्रीम स्मिथ ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन उंगली में चोट के बावजूद खेलने वाले दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लगातार दूसरे मैच में असफल रहे और जहीर की आफ स्टंप से तेजी से कट करके अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गये।
भारतीय गेंदबाज हालांकि बेहतरीन फार्म में चल रहे अमला और पीटरसन पर दबाव नहीं डाल पाये, जो पहला टेस्ट मैच होने के बावजूद खुलकर खेल रहे थे। इन दोनों ने कई खूबसूरत शाट जमाये और दर्शकों को निराश करने में कोई कसर नहीं छ़ोडी।
पहले टेस्ट में नाबाद २५३ रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका की पारी और छह रन से जीत के नायक रहे अमला जब ७० रन पर थे तब चोट के बाद वापसी करने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने हरभजन की गेंद पर उनका मुश्किल कैच छ़ोडा। अमला ने इसका पूरा फायदा उठाकर इशांत शर्मा की गेंद पर कवर ड्राइव से चौका ज़डकर टेस्ट क्रिकेट में नौवां भारत के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया। पीटरसन जब शतक के करीब थे तब थ़ोडे नर्वस दिखायी दे रहे थे, लेकिन वह आखिर में अपने पदार्पण टेस्ट में शतक बनाने वाले तीसरे दअफ्रीकी बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल करने में सफल रहे। उनसे पहले एंड्रयू हडसन और जैक रूडोल्फ ने यह कारनामा किया था। पीटरसन ने इसके तुरंत बाद जहीर की फुललेंग्थ गेंद पर ड्राइव करने का प्रयास किया, जो उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों में चली गयी। पीटरसन ने १६४ गेंद खेली तथा १६ चौके लगाये। इससे दक्षिण अफ्रीका का स्कोर दो विकेट पर २१८ रन हो गया और अब भी वह भारत पर हावी दिख रहा था। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी के पतन की कहानी जहीर ने शुरू की जब उन्होंने चाय के विश्राम के बाद चौथी गेंद पर ही अमला को आउट कर दिया। दायें हाथ के इस बल्लेबाज को इशांत शर्मा ने कई शॉर्ट पिच गेंद की थी, जिसका उन पर कोई असर नहीं प़डा, लेकिन जहीर की इसी तरह की गेंद पर उनका धैर्य टूट गया और वह धोनी को कैच देकर पैवेलियन लौट गये। उनकी १६६ गेंद की पारी में १४ चौके और एक छक्का भी शामिल है।
जहीर ने जिस कहानी की शुरुआत की थी लक्ष्मण ने उसे आगे ब़ढाया। पिछले टेस्ट मैच में १७३ रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को वापसी दिलाने वाले जैक्स कैलिस (१०) ने हरभजन की टॉप स्पिन पर स्वीप करने का प्रयास किया, लेकिन गेंद हवा में लहराने लगी और लक्ष्मण ने पहली स्लिप से पीछे द़ौड लगाकर शानदार कैच हासिल किया। ईडन गार्डन्स पर ही २००१ में आस्ट्रेलिया के खिलाफ एतिहासिक टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाले हरभजन ने इसके बाद लगातार गेंद पर एशवेल प्रिंस और जेपी डुमिनी दोनों को पगबाधा आउट किया, लेकिन डेल स्टेन ने उनकी हैट्रिक नहीं बनने दी। हरभजन का यह ३५०वां टेस्ट विकेट था और वह अनिल कुंबले और कपिल देव के बाद इस मुकाम पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बने। यही नहीं उन्होंने ईडन गार्डन्स पर सर्वाधिक ४० विकेट लेने का कुंबले का रिकार्ड भी त़ोडा। अब दक्षिण अफ्रीका का भरोसा एबी डिविलियर्स (१२) पर था, लेकिन जहीर खान ने उन्हें सीधे थ्रो पर रन आउट कर दिया, जबकि इशांत ने पाल हैरिस के रूप में अपना पहला विकेट लिया। धोनी ने जैसे ही हैरिस का कैच लिया इशांत ने हाथ ज़ोडकर उनका दर्शकों का अभिवादन किया, जिनका उत्साह लगातार ब़ढता ही जा रहा था और जिसके साथ ईडन गार्डन्स में डेसीबल की सुई भी तेजी से ऊपर भाग रही थी।
स्टेन (५) ने थ़ोडी देर संघर्ष किया, लेकिन अमित मिश्रा ने उन्हें पगबाध आउट करके विकेट लेने वाले गेंदबाजों में अपना नाम लिखवाया। स्टेन हालांकि दुर्भाग्यशाली रहे क्योंकि तब गेंद उनके बल्ले का हल्का किनारा लेकर पैड पर लगी थी।
