पश्चिम बंगाल में माओवादियों ने खेली खून की होली
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले के सिलदा में अर्द्धसैनिक बलों के एक शिविर पर आज शाम माओवादियों के हमले में ईएफआर के कम से कम २४ जवानों की मौत हो गयी।
हमला करने से पहले माओवादियों ने ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल (ईएफआर) के शिविर में आग लगा दी। जिला मजिस्ट्रेट एनएस निगम ने मिदनापुर से बताया, ‘माओवादियों के सिलदा शिविर पर हमले में कम से कम २४ जवान मारे गये हैं। वहीं दूसरी ओर माओवादियों ने आज रात जिले के धर्मपुर में सीआरपीएफ के एक शिविर पर भी हमला किया। सूत्रों ने बताया कि ४० हथियारबंद माओवादियों के एक समूह ने रात करीब स़ाढे आठ बजे सीआरपीएफ के शिविर पर हमला कर दिया, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की।
निगम ने बताया कि मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों पर सवार होकर आधुनिक हथियारों से लैस कम से कम सौ माओवादी सिलदा शिविर पहुंचे और शाम करीब स़ाढे पांच बजे शिविर में प्रवेश करने से पहले उसके समीप बारूदी सुरंग से विस्फोट किया और गोलीबारी की।
सूत्रों ने बताया कि हमले के वक्त शिविर में ईएफआर के ५१ जवान और अधिकारी थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस समय हमला हुआ, उस समय जवान सचेत नहीं थे। वे रसोई या अन्य काम में व्यस्त थे। उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री पीचिदंबरम ने यहां माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा हेतु बैठक की थी। इसी बीच, माओवादी नेता किशनजी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
किशनजी ने किसी अज्ञात स्थान से कहा, ‘हमने शिविर पर हमला किया है और यह चिदंबरम के ‘ऑपरेशन ग्रीन हंट’ का जवाब है और जब तक केंद्र अमानवीय सैन्य अभियान बंद नहीं करता, हम इसी तरह जवाब देते रहेंगे।
झारखंड में माओवादियों व सीआरपीएफ के बीच गोलीबारी
उधर, रांची से मिली खबर के अनुसार झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में आज रात माओवादियों ने एक पुलिस स्टेशन पर गोलीबारी की।
पुलिस के अनुसार माओवादियों ने बोदाम पुलिस स्टेशन पर गोलीबारी की। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने भी जवाबी गोलीबारी की। जवाबी गोलीबारी के बाद माओवादी जंगलों में भाग गए। पुलिस के अनुसार घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
