राज्य का मौजूदा दौर सबसे कठिन : नरसिम्हन
हैदराबाद। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने आज कहा कि राज्य के इतिहास में मौजूदा दौर सबसे अधिक कठिन और कष्टदायक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले १२ महीनों से राज्य में अवांछित घटनाएं घट रही हैं। राज्यपाल नरसिम्हन ने आज यहां विधानसभा में बजट सत्र के शुरू होने के अवसर पर दोनों सदनों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। हालांकि उन्होंने अपने अभिभाषण में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग के मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष २००८ में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुई आर्थिक मंदी अभी भी जारी है और इसकी वजह से वित्तीय कार्यकलापों व आयप्रक्रिया की गति धीमीहो गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आवंटित योजनागत व मूल धन के खर्च का अधिकतर हिस्सा रोक देने की अपरिहार्य स्थिति पैदा हो गयी है। वित्त वर्ष २००८०९ में १९ फीसदी से अधिक ब़ढने वाली राज्य की वित्तीय आय वर्ष २००९१० में गिरकर १० फीसदी होने की जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि गत वर्ष दिसंबर के अंत तक आय वृद्धि दर गिरकर ५ प्रतिशत तक पहुंच गयी। इस तरह राज्य की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक हो गयी है। पहले आठ महीने के दौरान केंद्र सरकार के परोक्ष करों की आय में २२ फीसदी ऋणात्मक वृद्धि दर के मुकाबले हमारे राज्य की आय में ५ फीसदी धनात्मक वृद्धि दर बनी हुई थी। हालांकि केंद्र सरकार की तरह नहीं, बल्कि वित्तीय दायित्व व बजट प्रबंधन की शता] के मद्देनजर हमारे सकल घरेलू उत्पाद में राज्य का वित्तीय घाटा ४ प्रतिशत से अधिक नहीं होता।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की मूल धन वृद्धि दर प्रतिवर्ष ३१६६ प्रतिशत की दर से ब़ढकर वित्तीय कामकाज बेहतर बना हुई है, जो कि हमारे लिये खुशी की बात है। वर्ष २००४२००८ के दौरान हमारा योजनागत खर्च २६२५ फीसदी वार्षिक दर्ज हुआ। गत वित्त वर्ष के आखिरी दो महीनों में आय में आयी गिरावट की वजह से योजनागत व्यय से संबंधित वृद्धि दर गिरकर १३ फीसदी तक पहुंच गयी है। गत वर्ष के मुकाबले वित्त वर्ष २००८०९ में मूलधन व्यय ने एक ऋणात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके साथ ही देश में रोजमर्रा की वस्तुआें की कीमतें ब़ढी हैं।
उन्होंने बताया कि प्राणहिताचेवेल्ला, पोलावरम, कांतनपल्ली, दुम्मुग़ुडेम सिंचाई परियोजनाआें को राष्ट्रीय परियोजनाआें का दर्जा देने संबंधी प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। जल्द ही कम से कम दो परियोजनाआें को राष्ट्रीय परियोजनाआें के रूप में मान्यता मिल जायेगी। सरकार व निजी भागीदारी के तहत मेट्रो रेल जैसे शहरी मूलभूत सुविधाआें वाली परियोजना सहित जारी एयरपोर्ट, सीपोर्ट परियोजनाआें के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए सरकार कार्रवाई कर रही है। अनेक भारी परियोजनाएं राज्य में स्थापित की जा रही हैं। बीएचईएलएनटीपीसी द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किये जा रहे मन्नावरम विद्युत उपकरण निर्माण परियोजना जल्द ही शुरू होगी। पेट्रोलियम, केमिकल्स व पेट्रो केमिकल्स इनवेस्टमेंट रीजियन भी व्यापक औद्योगिक निवेश आकर्षित कर रहे हैं।
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार विश्व बैंक से प्राप्त वित्तीय सहायता से तीन भारी परियोजनाएं शुरू कर रही है। लगभग ३,१६५ कऱोड रुपये की लागत से एपी रोड परियोजना, ८६४ कऱोड रुपये की लागत से एपी ग्रामीण पेयजल आपूर्ति एवं सफाई परियोजना तथा १,६७० कऱोड रुपये की लागत से आंध्र प्रदेश नगरपालिका विकास परियोजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अगले दोतीन वषा] में शहरों में गैस वितरण परियोजना पूरी की जायेगी। प्राकृतिक गैस के विषय में मंत्रियों के समूह ने विद्युत व ऊर्वरक परियोजनाआें को ही केजी बेसिन की गैस आवंटित की है तथा करीमनगर विद्युत परियोजना जैसी नई परियोजनाआें के लिए गैस आवंटित की जायेगी।
