हवाई अड्डा सुरक्षाकर्मियों के पास एक्सपायर्ड पहचानपत्र !
हैदराबाद। आतंकवादी खतरों के मद्देनजर देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा चाकचौबंद रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल और हवाई अड्डा कर्मचारी पिछले ड़ेढ महीनों से अवधि समाप्त पहचानपत्र लिए घूम रहे हैं।
इन कर्मचारियों के पहचानपत्रों की वैधता विछले वर्ष दिसंबर में ही खत्म हो चुकी है। इनका अभी तक नवीनीकरण नहीं किया जा सका है। यह पहचानपत्र ब्यूरो आफ सिविल एविएशन की ओर से सालाना आधार पर जारी किया जाता है। नए पहचानपत्र जारी करने में बरती जा रही यह ढिलाई वाकई हैरान करने वाली है।
एक ओर जहां यात्रियों और उनके सामानो को जांच वाली प्रक्रिया से गुजरना होता है, वहीं इस काम में लगे कर्मचारी खुद अवधि समाप्त हो चुके पहचानपत्र गले में टांगे घूम रहे हैं। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिचालन के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जब पत्रकारों ने इस खामी पर सवाल उठाया, तो हवाई अड्डा परियोजना जीएचआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस सतपथी ने कहा किन्हीं विशेष कारणों से पहचानपत्रों के नवीनीकरण का काम नहीं हो पाया है। इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गयी है और पहचानपत्रों की वैधता अवधि ३१ मार्च, २०१० तक ब़ढा दी गयी है।
सरकार और हवाई अड्डा प्रशासन एक ओर तो यात्रियों की सुविधाआें और सुरक्षा के बडे वायदे करती है, लेकिन जिनपर यह जिम्मेदारी डाली गयी है, उन्हें समय पर एक नया पहचानपत्र जारी करने में उसकी उदासीनता यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वाकई हवाई अड्डों की सुरक्षा उतनी पुख्ता है, जितने कि दावे हो रहे हैं और क्या इनमें चूक की गुंजाइश मौजूद नहीं है।
