तेलंगाना जेएसी से हटी कांग्रेस
हैदराबाद। तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने उस्मानिया विद्यार्थी संयुक्त कार्रवाई समिति से शनिवार को आहूत विधानसभा घेराव कार्यक्रम को वापस लेने तथा आंदोलन को हिंसा के बजाय शांतिपूर्वक आगे ब़ढाने की अपील की है। तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस नेताआें ने पृथक तेलंगाना के प्रति कटिबद्ध रहते हुए संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) से बाहर निकल कर अपनी (कांग्रेस) संयुक्त कार्रवाई समिति गठित करने तथा संचालन समिति गठित कर कार्ययोजना शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से तेलंगाना के लिए आंदोलन कर रहीं उस्मानिया विश्वविद्यालय की छात्राआें पर पुलिसिया दमन की निंदा करते हुए इस मामले की जांच के लिए एक महिला के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने तथा बदसलूकी व अभद्र तरीके से पेश आने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
उस्मानिया विद्यार्थी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के शनिवार को आहूत विधानसभा घेराव कार्यक्रम को वापस लेने की अपील करने के संबंध में आठ मंत्री, चार सांसद, २० से अधिक विधायक, आठ विधान परिषद सदस्य तथा तीन जिला परिषद सदस्यों ने आज विधानसभा कमेटी हॉल में करीब दो घंटे से अधिक समय तक बैठक की। बाद में मंत्री कोमटीरेड्डी वेंकट रेड्डी, जे गीता रेड्डी, पूर्व मंत्री के जाना रेड्डी, सांसद पोन्नम प्रभाकर ने पत्रकारों को बताया कि पृथक तेलंगाना के लिए विद्यार्थियों को अपना कीमती समय और प्राणों की बलि देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहित सभी ने विद्यार्थियों की आकांक्षा को समझा है और इसी लिए श्रीकृष्णा समिति गठित की गयी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना हासिल करने के लिए संवैधानिक तरीके से ल़डाई करनी चाहिये, क्योंकि इस्तीफों से समस्या का हल नहीं होता।
तेलंगाना के कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने कहा कि तेलंगाना के लोग, विद्यार्थी और कांग्रेस पार्टी के सभी स्तर के नेता श्रीकृष्णा समिति के सामने अपनी दलील रख सकते हैं, लेकिन आंदोलन को तेज कर प्राण त्यागने से भविष्य में बनने वाले तेलंगाना का राज करेगा। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक पार्टियां, जन संगठन व विभिन्न वगा] के लोग पृथक तेलंगाना राज्य का गठन चाह रहे हैं, लेकिन इसके लिए हम सबको शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहिये। क्योंकि घेराव, रैली आदि कार्यक्रमों के आयोजन से उनमें असामाजिक तत्वों के शामिल होने से आंदोलन को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है।’
उन्होंने विद्यार्थियों के मातापिता को अपनेअपने बच्चों को कल के विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने से रोकने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वर्ष खो देने से युवाआें का सुनहरा भविष्य बरबाद हो जायेगा और उनके मातापिता की आशाएं व सपने टूट जायेंगे। कांग्रेस नेताआें ने विद्यार्थियों की तरफ से आगे रहकर तेलंगाना हासिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी तेलंगाना राजनीतिक जेएसी से नाता त़ोड रही है और अगले एकदो दिन में कांग्रेस कार्रवाई समिति गठित कर अपने खुद के कार्यक्रम तैयार करने के साथ ही ग्राम स्तर से आंदोलन मजबूत करेगी।
उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्र सरकार व कांग्रेस आलाकमान से श्रीकृष्णा समिति की समयसीमा घटाकर ३० सितंबर तक करने, तेलंगाना के गठन के लिए आगामी संसदीय बजट सत्र में ही विधेयक पेश करने की अपील करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से विजयव़ाडा से सांसद लग़डपाटी राजगोपाल का पार्टी के आदेश का उल्लंघन करते हुए तेलंगाना के बनने पर पार्टी से बाहर चले जाने तथा तेलगाना के क्षेत्र का दौरा करने की धमकी दिये जाने को अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।
