रोमांचक मैच में ‘टीम इंडिया’ ने दअफ्रीका को हराया
जयपुर। युवा खिला़डयों और प्रवीण कुमार के आखिरी ओवर के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका के वेन पार्नेल और डेल स्टेन की क़डी चुनौती पर काबू पाते हुए सांसों को रोक देने वाले पहले वनडे में आज रात आखिरी गेंद पर एक रन की रोमांचक जीत हासिल कर ली।
भारत ने आखिरी गेंद पर पार्नेल को रन आउट करने के साथ ही अपने वनडे इतिहास की सबसे रोमांचक जीतों में से एक हासिल कर ली। दक्षिण अफ्रीका को आखिरी गेंद पर जीत के लिए तीन रन बनाने थे, लेकिन शांतकुमारन श्रीसंत के थ्रो पर कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने पार्नेल को जैसे ही रन आउट किया सवाई मानसिंह स्टेडियम में हजारों दर्शक खुशी से उछल प़डे।
दक्षिण अफ्रीका की पारी भारत के नौ विकेट पर २९८ रन के जवाब में २९७ रन पर ठिठक गई। पार्नेल (४९) और डेल स्टेन (३५) ने नौवें विकेट के लिए ३८ गेंदों पर ६५ रन की विस्फोटक साझेदारी भारत के हाथों आ रही आसान जीत मुश्किल कर दी थी। श्रीसंत के ४८वें और आशीष नेहरा के ४९वें ओवर में इन दोनों बल्लेबाजों ने चौके छक्के उ़डाते हुए दक्षिण अफ्रीका को जीत के करीब ला ख़डा किया। आखिरी ओवर प्रवीण कुमार के पास था और उन्होंने दूसरी गेंद पर स्टेन को बोल्ड कर दिया। सचिन तेंदुलकर ने सीमारेखा पर बेहतरीन डाइव लगाते हुए निश्चित चौके को तीन रन में बदला। ओवर की आखिरी गेंद प्रवीण ने वाइड फेंकी जिसके बाद अगली गेंद पर पार्नेल दूसरा रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए और भारत ने बेहद रोमांचक जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में १० की ब़ढत बना ली।
दक्षिण अफ्रीका ने कार्यवाहक कप्तान जैक्स कैलिस (८९) की शानदार पारी के बावजूद भारतीय स्पिनरों के सामने एक समय अपने आठ विकेट २२५ रन पर गंवा दिए थे। उस समय जीत भारत की झोली में नजर आ रही थी, लेकिन पार्नेल और स्टेन के प्रहारों ने मैच का रुख एकदम बदल डाला। भारतीय गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में एक बार फिर अपनी कमजोरी दिखा दी। श्रीसंत और नेहरा दोनों ने ही ढीली गेंदें फेंकते हुए दक्षिण अफ्रीका को मैच में वापसी का मौका दे दिया। स्टेन ने विस्फोटक अंदाज में खेलते हुए १९ गेंदों में तीन छक्कों और एक चौके की मदद से ३५ रन बनाए, जबकि पार्नेल ने ४७ गेंदों की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण ने अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर स्टेन को बोल्ड करके इस साझेदारी को त़ोडा। इसके बाद आखिरी गेंद पर पार्नेल के रन आउट होने ने भारत को जश्न मनाने का मौका दे दिया। लेफ्ट आर्म स्पिनर रवीन्द्र जडेजा को २९ रन पर दो विकेट की उनकी शानदार गेंदबाजी और २२ उपयोगी रन बनाने के लिए ‘मैन आफ द मैच’ घोषित किया गया।
दक्षिण अफ्रीका ने धीमी शुरुआत के बाद तेजी से रन बनाने के चक्कर में अपने विकेट गंवाए। हर्शल गिब्स (२७) और लूट्स बोसमैन ने पहले विकेट के लिए ८४ ओवर में ५८ रन ज़ोडे। लेकिन प्रवीण कुमार ने बोसमैन को बोल्ड करके इस साझेदारी को त़ोड दिया। स्कोर में अभी छह रन ही ज़ुडे थे कि गिब्स जडेजा की फ्लाइटेड गेंद को मारने के चक्कर में विराट कोहली को कैच थमा बैठे। एबी डी विलियर्स (२५) रन बनाने के बाद जडेजा का दूसरा शिकार बने।
उस समय टीम का स्कोर १०९ रन था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के विकेटों की झ़डी लग गई और स्कोर के १८० रन तक पहुंचतेपहुंचते उसके सात बल्लेबाज पवेलियन पहुंच गए। कैलिस ने इसके बाद पार्नेल के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए ४५ रन ज़ोडे। लेकिन श्रीसंत ने कैलिस को बोल्ड करके उनकी शानदार पारी का अंत कर दिया। लेकिन इसके बाद पार्नेल और स्टेन नौवें विकेट के लिए ३८ गेंदों में ६५ रन ठोककर भारत की जीत की राह मुश्किल कर दी थी। इन दोनों ने डेथ ओवरों में रन लुटाने की भारतीय गेंदबाजों की कमजोरी का फायदा हुए जमकर रन बटोरे। दक्षिण अफ्रीका को अंतिम ओवर में जीत के लिए दस रन चाहिए थे। लेकिन प्रवीण ने ओवर की दूसरी गेंद पर स्टेन को बोल्ड करके भारत को राहत दिलाई। पार्नेल अंतिम बल्लेबाज के रूप में आखिरी गेंद पर रनआउट हुए। भारत की ओर से जडेजा के अलावा प्रवीण और श्रीसंत ने दोदो विकेट लिए। लेकिन श्रीसंत काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने नौ ओवर में ७४ रन लुटाए। नेहरा और यूसुफ पठान को एकएक विकेट मिला।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत खराब रही और सचिन दूसरे ही ओवर में रन आउट हो गए। वह चार रन बना सके और भारत का पहला विकेट दस के स्कोर पर गिरा। लेकिन इसके बाद सहवाग और कार्तिक ने दूसरे विकेट के लिए ७९ रन की साझेदारी की। सहवाग अपने विस्फोटक अंदाज में खेल रहे थे और छह बेहतरीन चौके तथा दो छक्के जमा चुके थे। लेकिन जब वह अपने अर्द्धशतक से महज चार रन दूर थे तभी कार्तिक का सीधा शाट गेंदबाज के हाथ से लगकर नानस्ट्राकर छोर पर स्टंप्स में घुस गया। उस समय सहवाग क्रीज से बाहर थे और वह दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गए।
कार्तिक लेंगवेल्ट की गेंद पर शाट मारने की कोशिश में अलवीरो पीटरसन को कैच थमा बैठे। कप्तान धोनी को कैलिस ने मोर्कल के हाथों कैच करा दिया। भारत के चार विकेट १३८ रन पर गिर चुके थे, लेकिन युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने रैना का अच्छा साथ दिया और दोनों ने पांचवें विकेट की साझेदारी में ६६ रन ज़ोडे। कोहली को मोर्कल ने आउट किया। पठान से भारत को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह एक छक्का और एक चौका मारने के बाद पार्नेल की गेंद को नीचा नहीं रख पाए और कैलिस को कैच दे बैठे। रैना अपना अर्द्धशतक पूरा करने के बाद कैलिस की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। भारतीय पारी की दिलचस्प बात यह रही कि विकेट बराबर गिरते रहने के बावजूद स्कोर ब़ढता रहा और हर बल्लेबाज ने अपनी तरफ से कुछ न कुछ योगदान जरूर दिया। ज़डेजा, प्रवीण और नेहरा ने भी निचले क्रम में उल्लेखनीय योगदान दिया। पचास ओवर की समाप्ति तक भारत के खाते में २९८ रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर नजर आ रहा था।
