तेलंगाना के वकीलों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया
नई दिल्ली। संसद के आज से शुरू हुए बजट सत्र में पृथक तेलंगाना के लिये तुरंत विधेयक लाये जाने की मांग करते हुए तेलंगाना के १० जिलों के वकीलों ने संसद भवन के नजदीक जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन कर धारा१४४ का उल्लंघन किया। तेलंगाना के १० जिलों के बार एसोसिएशन की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के बैनर तले संसद से महज १०० मीटर की दूरी पर इकट्ठा हुए इन २०० से अधिक वकीलों को बाद में पुलिस बसों में जबर्दस्ती भरकर संसद मार्ग थाने ले गयी। यह विरोध प्रदर्शन अपराह्न करीब तीन बजे शुरू हुआ, जब पृथक तेलंगाना की मांग के समर्थक वकील जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के बाद संसद की ओर आने लगे।
इससे संसद मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया। पुलिस को तुरंत यातायात मार्ग परिवर्तित करना प़डा। वकीलों को इकट्ठा होते देख पुलिस ने पीटीआई बिल्डिंग और संसद एनेक्सी के सामने अवरोधक लगा दिये। वकीलों के कुछ अवरोधक गिरा देने, परिवहन भवन तक पहुंच जाने और सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की करने के बाद पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना प़डा। इस बीच, कंवलजीत संधू सहित संसद के आला सुरक्षा अधिकारी भी बाहर आये और वकीलों से निषेधाज्ञा का उल्लंघन नहीं करने को कहा।विरोध प्रदर्शन करीब ड़ेढ घंटे चला।
जब वकील बेकाबू होने लगे, तो पुलिस उन्हें बसों में भरकर संसद मार्ग थाने ले गयी। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के विरोध में तथा पृथक तेलगाना की मांग के समर्थन में जबर्दस्त नारेबाजी की। तेलंगाना बार एसोसिएशन के महासचिव जी वेंकटेश्वरुलू ने कहा, ‘वकील समुदाय भी मानता है कि तेलंगाना के लोगों के साथ विश्वासघात हुआ है। संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत सरकार पृथक राज्य बना सकती है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही है। यही कारण है कि हमें संसद के समक्ष विरोध प्रदर्शन करना प़डा है।
