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सचिन की रिकार्ड पारी से भारत ने श्रृंखला

Swatantra Vaartha  Thu, 25 Feb 2010, IST

sachin score indian winसचिन की रिकार्ड पारी से भारत ने श्रृंखला

जीतीग्वालियर)। सचिन तेंदुलकर ने आज एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाला पहला बल्लेबाज बनकर नया इतिहास रचा, जिसके दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में यहां १५३ रन की रिकार्ड जीत के साथ तीन मैच की श्रृंखला में २० की अजेय ब़ढत हासिल की।

तेंदुलकर ने कैप्टेन रूपसिंह स्टेडियम में अपने स्ट्रोकों का शानदार नमूना पेश करते हुए कऱोडों दिलों को बागबाग करने वाली नाबाद २०० रन की पारी खेली। इसके लिये उन्होंने १४७ गेंद का सामना किया तथा २५ चौके और तीन छक्के लगाये। मास्टर ब्लास्टर की इस रिकार्डत़ोड पारी से भारत ने तीन विकेट पर ४०१ रन बनाये, जो उसका चौथा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे ब़डा स्कोर है। तेंदुलकर के अलावा दिनेश कार्तिक (७९), कप्तान महेंद्र सिंह धोनी नाबाद ६८ और यूसुफ पठान (३६) ने भी उपयोगी योगदान दिया।

विशाल लक्ष्य के सामने दक्षिण अफ्रीकी शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया, लेकिन एबी डिविलियर्स ने एक छोर संभाले रखा। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने नाबाद ११४ रन बनाये, जिससे दक्षिण अफ्रीका ४२५ ओवर में २४८ रन बनाकर केवल भारत की जीत की अंतर ही कम कर पाया। भारत की तरफ से एसश्रीसंत ने तीन,जबकि आशीष नेहरा ,रविन्दर जडेजा व यूसुफ पठान ने दोदो विकेट लिये।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका पर रनों के लिहाज से सबसे ब़डी जीत के पिछले रिकार्ड की बराबरी की। इससे पहले उसने २००३ में ढाका में भी अपने इस प्रतिद्वंद्वी को १५३ रन से हराया था।

कैप्टेन रूपसिंह स्टेडियम में सिर्फ और सिर्फ तेंदुलकर छाये रहे। भारत जब टास जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरा तो मास्टर ब्लास्टर ने न सिर्फ अपना ४६वां वन डे शतक पूरा किया, बल्कि एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी भी खेली। उन्होंने पाकिस्तान के सईद अनवर और जिंबाब्वे के चार्ल्स कावेंट्री (दोनों १९४) के रिकार्ड को त़ोडा। उन्होंने अपनी पारी के आधे रन तो चौकों से बनाये।

विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (०९) चौथे ओवर में पवेलियन लौट गये, लेकिन तेंदुलकर पर इसका असर नहीं प़डा। वह शुरू से ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर हावी हो गये और उन्होंने छोटी बाउंड्री का पूरा फायदा उठाकर दनादन रन बटोरे।

इस मास्टर ब्लास्टर के साथ दक्षिण अफ्रीका के चार्ल लांगवेल्ट भी इतिहास की किताब में नाम दर्ज करा गये, क्योंकि इसी तेज गेंदबाज पर एक रन लेकर उन्होंने २०० रन के जादुई अंक को छुआ। तेंदुलकर का इससे पहले सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद १८६ रन था जो उन्होंने १९९९ में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में बनाया था।

तेंदुलकर ने अपनी यादगार पारी के दौरान कार्तिक के साथ दूसरे विकेट के लिये १९४ रन की साझेदारी की जिन्होंने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। कार्तिक ने अपनी पारी में ८५ गेंद खेली तथा चार चौके और तीन छक्के लगाये। इन दोनों की साझेदारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की तरफ से नया रिकार्ड है। इससे पहले तेंदुलकर और राहुल द्रव़िड ने २००० में नागपुर में १८१ रन की साझेदारी की थी।

तेंदुलकर ने पठान और कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के साथ भी ब़डी साझेदारियां करके दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण की धज्जियां उ़डाने में कोई कसर नहीं छ़ोडी। उन्होंने पठान के साथ तीसरे विकेट के लिये ८१ रन की साझेदारी की। पठान के रीलोफ वान डर मर्व की गेंद पर आउट होने से यह साझेदारी टूटी।

पठान ने अपने चिर परिचित अंदाज में तूफानी पारी खेली और विशेषकर वायने पार्नेल की खबर ली तथा उनके एक ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया। तेज गेंदबाज डेल स्टेन की भी नहीं चली और उनके प्रत्येक स्पैल में खूब रन बने। इसके बाद धोनी भी गेंदबाजों का कचूमर निकालने में पीछे नहीं रहे और उन्होंने तेंदुलकर के साथ १०१ रन की अटूट साझेदारी की। भारतीय कप्तान ने ३५ गेंद की अपनी पारी में सात चौके और चार छक्के लगाये।

दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज जोहान्सबर्ग में २००६ में आस्ट्रेलिया के खिलाफ ४३४ रन के स्कोर को पार करने की ऐतिहासिक जीत से प्रेरणा लेकर क्रीज पर उतरे होंगे, लेकिन उस मैच में १७५ रन की पारी खेलने वाले हर्शल गिब्स (०७) को प्रवीण कुमार ने तीसरे ओवर में ही बोल्ड कर दिया। एसश्रीसंत ने इसके बाद ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी के लिये भेजे गये रीलोफ वान डर मर्व (१२) और टेस्ट श्रृंखला के नायक हाशिम अमला (३४) को पवेलियन भेजा, जबकि कप्तान जाक कैलिस (११) ने आशीष नेहरा की गेंद अपने विकेट पर खेली, जिससे स्कोर चार विकेट पर ८३ रन हो गया।

इसके बाद भी दक्षिण अफ्रीकी विकेट गिरने का क्रम नहीं रुका। डिविलियर्स ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से भारतीय स्पिनर हावी हो गये। फिरकी गेंदबाज रविंदर जडेजा ने एल्विरो पीटरसन की गिल्लियां बिखेरी, तो यूसुफ पठान ने जेपी डुमिनी और विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बुचर को पगबाधा आउट करके भारत को ब़डी राह पर अग्रसर किया।

डिविलियर्स को जब दूसरे छोर से मदद की दरकार थी तब जयपुर मैच में दक्षिण अफ्रीका को अप्रत्याशित जीत के करीब पहुंचाने वाले वायने पार्नेल (१८) ने उनका पूरा साथ दिया तथा आठवें विकेट के लिये ७७ रन की साझेदारी की। बाएं हाथ के गेंदबाज नेहरा ने पार्नेल को आउट करके यह साझेदारी त़ोडी, जिसके बाद डिविलियर्स ने अपना पांचवां वनडे शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में १०१ गेंद खेली तथा १३ चौके और दो छक्के लगाये। श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मैच २७ फरवरी को अहमदाबाद में होगा।

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