पेट्रोलडीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि पर विपक्ष आगबबूला
नई दिल्ली। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा आज लोकसभा में आम बजट पेश किए जाने के दौरान पेट्रोल और डीजल से संबंधित करों में प्रस्तावित बदलाव की घोषणा का क़डा विरोध करते हुए समूचा विपक्ष तथा संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सपा, बसपा और राजद सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। वर्ष २०१०११ का आम बजट पेश किए जाने के दौरान जब वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क की दरों में प्रति लीटर एक रुपये की वृद्धि किए जाने संबंधी प्रस्ताव की घोषणा की, तो समूचे विपक्षी सदस्य तथा बसपा, सपा और राजद के सदस्य अपने अपने स्थानों पर ख़डे होकर इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया।
विपक्ष का आरोप था कि उत्पाद शुल्क ब़ढाए जाने से अंतत: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होगी। इसके बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की अगुवाई में पूरे विपक्ष के साथ सपा, बसपा और राजद के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर गए। सुषमा स्वराज कुछ कहती नजर आयीं, लेकिन शोरशराबे के कारण उनकी बात नहीं सुनी जा सकी। वित्त मंत्री ने उधर अपना बजट भाषण जारी रखते हुए विपक्षी सदस्यों से अपील की कि बजट एक संवैधानिक प्रक्रिया है और आप मुझे बजट पेश करने से नहीं रोक सकते। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को बजट को लेकर कुछ आपत्ति है, तो वे बजट पर चर्चा के दौरान इसे उठा सकते हैं, लेकिन उन्हें बजट भाषण को इस तरह बाधित नहीं करना चाहिए। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से भाषण को ध्यान से सुनने की अपील करते हुए कहा कि अब मैं कर छूट प्रस्तावों का जिक्र कर रहा हूं। आप लोग सुनें, लेकिन विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए।
विपक्षी बेंचों पर केवल निर्दलीय सदस्य इंदर सिंह नामधारी और दिग्विजय सिंह तथा भाजपा से निष्कासित जसवंत सिंह ही बैठे नजर आए।
आम बजट का क़डा विरोध करते हुए समूचे विपक्ष ने कहा कि इसके प्रावधानों से महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की कमर पूरी तरह टूट जाएगी और सरकार ने पेट्रोलियम पदाथा] के दाम ब़ढाकर इसकी पूरी तैयारी कर ली है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बजट भाषण के दौरान सदन से वाकआउट के बाद संवाददाताआें से कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम ब़ढाना जनविरोधी काम है। जनता ने इस बजट से कुछ राहत की उम्मीद की थी, लेकिन उसकी आशाआें पर कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल के दामों में ब़ढोत्तरी का अप्रत्यक्ष असर दूसरी चीजों की कीमतों पर भी प़डता है और इन पदाथा] की कीमतों में वृद्धि से महंगाई निश्चित रूप से और ब़ढेगी। उन्होंने कहा कि कल ही संसद में महंगाई पर बहस हुई थी और तब वित्त मंत्री ने यह मानने से ही लगभग इंकार कर दिया था कि महंगाई ब़ढी है। आज बजट में पेट्रोलडीजल के दाम ब़ढाने का ऐलान कर दिया गया। यह महंगाई के कारण पहले से ही परेशान जनता पर एक तरह का अप्रत्यक्ष कर है।
