झारखंड में ित्रशंकु सरकार
रांची। झारखंड में सभी 81 सीटों के रुझान प्राप्त होने के बाद स्पष्ट हो गया है कि राज्य में एक बार फिर किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने जा रहा है। यह भी साफ है िक झारखंड मुक्ित मोर्चा [झामुमो] सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
शिबू सोरेन का झामुमो 18 सीटों पर बढ़त बनाए है, जबकि भाजपा गठबंधन को 19 तथा कांग्रेस गठबंधन को 24 सीटों पर बढ़त प्राप्त है। लालू प्रसाद यादव नीत राजद और उसके सहयोगी दल सात सीटों पर आगे हैं, जबकि अन्य 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
इस बीच, झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी ने चुनावों के बाद गठबंधन के लिए सभी विकल्प खुले रखे हैं।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा जगन्नाथपुर सीट से चुनाव जीत चुकी हैं।
राज्य में पीछे चल रहे प्रमुख उम्मीदवारों में प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचू [घाटशिला], निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस के आलमगीर आलम [पाकुड़], पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी [दुमका] शामिल हैं।
शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन दुमका सीट में तीसरे स्थान पर चल रहे हैं और इसी सीट से भाजपा के लुईस मरांडी आगे हैं।
इस बार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा के साथ गठबंधन किया है, जबकि झामुमो अकेले ही चुनाव लड़ रहा है।
राज्य में भाजपा-जदयू, कांग्रेस-झारखंड विकास मोर्चा और राजद- लोजपा-भाकपा -माकपा-मार्क्सवादी समन्यव समिति तीन प्रमुख गठबंधन है।
सबके अपने-अपने दावे
रुझानों को देखते हुए सभी दलों ने अपने-अपने दावे शुरू कर दिए हैं। अगली सरकार का मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आम दृष्टिकोण यह होगा कि जो भी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरेगी वह इस पद के लिए दावा करेगी। बहरहाल अंतिम निर्णय पार्टी उच्च कमान ही लेगा।
कांग्रेस के सहयोगी बाबू लाल मरांडी ने भी विश्वास जताया है कि उनका गठबंधन ही राज्य में अगली सरकार का गठन करेगा।
उधर, दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में कहा कि पार्टी के संसदीय दल की आज शाम बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
