महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन करेगी भाजपा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोर ग्रुप ने संसद और विधानसभाआें में महिलाआें को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने के संविधान संशोधन विधेयक का संसद में सर्वसम्मति से समर्थन करने का फैसला किया है।
पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आज सुबह यहां हुई कोर ग्रुप की बैठक में आठ मार्च को राज्यसभा में पेश होने वाले महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने के वास्ते पार्टी सांसदों के लिये तीन पंक्तियों का व्हिप जारी कर दिया है। बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने संवाददाताआें से कहा कि भाजपा संसदीय दल ने व्हिप जारी करके यह सुनिश्चित किया है कि महिला आरक्षण विधेयक पेश होने के समय सांसद सदन में मौजूद रहें और इस विधेयक के पक्ष में मतदान करें।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने सर्वप्रथम १९९५ में गुजरात के बडोदरा में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में संसद और विधानसभाआें में महिलाआें के लिये आरक्षण की मांग की थी। बाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दौरान संसद में यह विधेयक पेश किया गया था।
श्रीमती स्वराज ने कहा कि देश में राजनीतिक दलों में भाजपा ही एकमात्र दल है, जिसने अपने पार्टी संगठन में महिलाआें के लिये एक तिहाई स्थान आरक्षित किये हैं। इन नेताआें ने कहा कि पार्टी यह जानती है कि इस मुद्दे पर संसद में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अल्पमत में है, अत: भाजपा सभी राजनीतिक दलों से अपील करती है कि वह इस विधेयक का समर्थन करें।
जेटली ने कहा कि सरकार को अपेक्षित बहुमत नहीं होने की स्थिति में प्रमुख विपक्षी दल के नाते यह भाजपा की जिम्मेदारी है कि वह महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इससे बेहतर सहयोग कोई नहीं हो सकता। जनता दल (यू) समेत राजग के कुछ घटक दलों के विरोध के बारे में श्रीमती स्वराज और श्री जेटली ने कहा कि भाजपा सभी दलों से अपील करती है वह इस विधेयक का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सभी दलों में इस विधेयक को लेकर एकमत भले ही नहीं हों, लेकिन जहां तक संख्या की बात है सरकार को यह विधेयक पारित कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
भाजपा के भीतर विनय कटियार, योगी आदित्यनाथ जैसे कुछ सांसदों के इस विधेयक के प्रति विरोधी रवैये के बारे में श्रीमती स्वराज ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में जब पार्टी विधेयक के समर्थन के लिये व्हिप जारी करती है, तो सभी सांसदों को अपनी व्यक्तिगत आपत्ति और विरोध को भूलकर पार्टी के दिशानिर्देशों का पालन करना होता है।
