बाराबती में देवधर मच का अनुभव काम आया : जडेजा
कोलकाता, २२ िदसबर (भाषा)। श्रीलका के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मच में चार विकेट लेकर अपने कैिरयर का सवश्रेठ दशन करने वाले आलराउडर रविंदर जडेजा ने कहा िक इस साल के शु में कटक के बाराबती टेडियम में देवधर टाफी के तीन मच खेलने का अनुभव उनके काफी काम आया।
जडेजा ने कहा कि इस साल माच में पचिम क्षे देवधर टाफी के दारान तीन मचों में उहोंने अछा दशन किया था आर उस अनुभव ने उनका बाराबती के धीमे आर टनिग विकेट का फायदा उठाने का आमविवास बढाया था। जडेजा ने कहा कि बाराबती लगता ह कि मेरे लिये भायशाली मदान मेरी वहा से कुछ अछी यादें जुडी ह। इस साल के शु में तीन मचों में मने वहा अछा दशन किया। म जानता था कि म वहा सफल रहा । म आमविवास से भरा था आर मने अपनी लय बनाये रखी। इस आलराउडर ने देवधर टाफी मचों में पाच विकेट लिये थे, आर १२८ रन बनाये थे। श्रीलका के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मच में कायवाहक कतान वीरें सहवाग ने जडेजा को तब आकमण पर लगाया जब मेहमान टीम बडे कोर की तरफ बढ रही थी।
जडेजा ने कहा िक थोडा दबाव में था, योंकि उपुल तरगा जम चुका था आर वे तेजी से रन बना रहे थे। वी भाइ ने मुझसे केवल इतना कहा, अपने अदाज से बाल करना, आइडिया लगाकर बाल करना।
भारत की सात विकेट से जीत में ३२ रन देकर चार विकेट लेने वाले जडेजा ने कहा, मने केवल लाइन व लेंथ आर सही क्षे में गेंदबाजी करने की कोशिश की। मुझे पिच से कुछ टन मिल रहा था आर यह कुछ धीमा भी था। मने कुछ भी अतिरि यास नहीं किया आर मुझे तरगा (७३) का कीमती विकेट मिला। जडेजा ने हालाकि खेद जताया कि वह पाच विकेट हासिल नहीं कर पाया। साराट के इस किकेटर ने कहा कि कल की रात वातव में खास थी, लेकिन यदि मने पाच विकेट लिये होते तो यह यादगार होती। जडेजा ने अपने १२ वन डे में पहला मन आफ द मच हासिल किया, लेकिन वह श्रीलका के खिलाफ ही अपनी नाबाद ६० रन की पारी को सवश्रेठ मानतहै ।
मेरे सवश्रेठ दशन में एक था, लेकिन यगित तार पर मेरा मानना ह कि अपने पहले मच में नाबाद ६० रन की पारी मेरे दिल के यादा करीब ।
