नक्सली सपने देखने को स्वतंत्र : पिल्लई
नई दिल्ली। केन्द्र ने एक माओवादी नेता के २०५० से पूर्व भारत सरकार का तख्ता पलट देने के दावे को बेहूदा करार देते हुए कहा है कि कोई भी सपने देखने को स्वतंत्र है, लेकिन साथ ही यह भी साफ तौर पर कहा कि माओवादियों से बातचीत तभी संभव है, जब वे हिंसा त्यागें।
केन्द्रीय गृह सचिव जीके पिल्लई ने आज यहां संवाददाताआें से बातचीत करते हुए कहा कि वे सपने देख सकते हैं। लोकतंत्र है और उन्हें भी सपने देखने का अधिकार है। हमने अपना पक्ष पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। गृह सचिव ने कहा कि वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से अपेक्षा करते हैं कि वे साफ तौर पर वक्तव्य जारी करें कि वे हिंसा छ़ोड देंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का वक्तव्य प्राप्त हो जाने के बाद गृह मंत्रालय उनसे बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। पिल्लई का इस प्रकार का वक्तव्य माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी द्वारा कल रात किए गए इस दावे के बाद आया है कि वे भारत सरकार को २०५० तक उख़ाड फेकेंगे।
