युसूफ व यूनिस के खेलने पर पाबंदी
कराची। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासनहीनता के लिए क़डी सजा तय करके आस्ट्रेलिया में टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के मद्देजनर अपने दो पूर्व कप्तानों मोहम्मद युसूफ और यूनिस खान को अनिश्चितकाल के लिए देश की तरफ से खेलने से प्रतिबंधित कर दिया, जबकि शोएब मलिक और राणा नावेदउलहसन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है।
पीसीबी ने पाकिस्तान के लचर प्रदर्शन की जांच के लिए गठित समिति की सिफारिशों को लागू करते हुए अकमल बंधुआें कामरान और उमर तथा शाहिद अफरीदी को भी दौरे में अनुशासनहीनता के लिए छह महीने के प्रोबेशन पर रखा है तथा उन पर २० से ३० लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पीसीबी के क़डे रवैये से देश के मध्यक्रम के दो सबसे सफल बल्लेबाज ३२ वर्षीय यूनिस और ३५ वर्षीय यूसुफ का अंतर्राष्ट्रीय कैरियर एक तरह से समाप्त हो गया। यही नहीं, टीम में अब पूर्ण बदलाव तय है। आस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तान को तीनों प्रारूपों में पराजय का सामना करना प़डा। पीसीबी ने मामले की जांच के लिए बोर्ड के मुख्य संचालन अधिकारी वसीम बारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। पीसीबी ने बयान में कहा कि जांच समिति ने सुझाव दिया है कि युसूफ और यूनिस को किसी भी प्रारूप में अब राष्ट्रीय टीम मेंहीं होना चाहिए, क्योंकि ये टीम का माहौल खराब करते हैं। इनके अलावा मलिक और राणा पर १२ महीने का प्रतिबंध और २० लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पीसीबी प्रवक्ता नदीम सरवर ने कहा कि बोर्ड ने पाकिस्तानी क्रिकेट को बचाने के लिए जांच समिति की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया।
सरवर ने कहा, ‘समिति ने स्वतंत्र रूप से काम किया और उन्होंने लगभग १३ खिला़डयों से बात की तथा फैसले पर पहुंचने से पहले मैनेजर, कोच, सहायक कोच और कप्तान की रिपोर्ट का अध्ययन किया।’ उन्होंने कहा कि खिला़डयों को हालांकि फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार होगा और वे इसकी समीक्षा के लिए पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट से भी बातकर सकते हैं। पीसीबी के कानूनी सलाहकार और जांच समिति के सदस्य तफज्जुल रिजवी ने कहा कि कानून के तहत खिला़डयों को इस सजा के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, ‘जांच समिति ने सुनवाई के आधार पर सिफारिशें की। हमने खिला़डयों और टीम अधिकारियों के साथ बात की थी तथा इसके साथ ही टीम मैनेजर, कोच, सहायक कोच और कप्तान की रिपोर्ट का भी आकलन किया था।’ उन्होंने कहा, ‘जांच समिति ने वही किया, जो वह पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड को ढर्रे पर लाने के लिए जरूरी समझती थी।’ बोर्ड ने कहा कि उसने यूसुफ और यूनिस को पाकिस्तान की तरफ से खेलने से प्रतिबंधित किया है, लेकिन वे घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीग में खेल सकते हैं।
बयान में समिति की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है, ‘मोहम्मद यूसुफ और यूनिस खान के बीच मतभेद का पूरी टीम पर खराब असर प़डा। उनके रवैये का भी पूरी टीम पर बुरा प्रभाव प़डा। वे किसी भी प्रारूप में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं होने चाहिए।’ अफरीदी के बारे में जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘शाहिद अफरीदी ने शर्मनाक काम किया, जिससे इस खेल और देश की बदनामी हुई। उन पर ३० लाख रुपये का प्रतिबंध लगाना चाहिए। पीसीबी अध्यक्ष को उन्हें चेतावनी देनी चाहिए और उन्हें छह महीने के प्रोबेशन पर रखना चाहिए। इस दौरान उन पर क़डी निगाह रखनी चाहिए।’
इस सजा का पाकिस्तान की विश्व ट्वेंटी२० चैंपियनशिप के लिए टीम के चयन पर भी प्रभाव प़डेगा। पाकिस्तान इस प्रारूप का पूर्व चैंपियन है और इसके लिए इस महीने के अंत तक टीम का चयन किया जाएगा। अफरीदी को भी छह महीने के प्रोबेशन पर रखा गया है, ऐसे में आगामी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए नये कप्तान का चयन तय है। पीसीबी ने यूसुफ और यूनिस पर प्रतिबंध के बारे में कहा, ‘वे किसी भी प्रारूप में पाकिस्तानी टीम का हिस्सा नहीं होंगे। आजीवन प्रतिबंध का मतलब होता है कि वे घरेलू क्रिकेट या किसी भी अन्य तरह की क्रिकेट नहीं खेल सकते, लेकिन हम उन्हें इससे रोक नहीं सकते। वे घरेलू क्रिकेट या काउंटी क्रिकेट आदि में खेल सकते हैं।’
