सज्जन कुमार को मिली जमानत
नई दिल्ली। सिख विरोधी दंगे में कथित भूमिका निभाने के मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार आज दिल्ली की एक अदालत के समक्ष उपस्थित हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई। अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार शर्मा ने बाहरी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुके सज्जन कुमार को पचास हजार रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही जमानत राशि जमा करने पर जमानत दे दी।
चौंसठ वर्षीय सज्जन कुमार के अलावा सिख विरोधी दंगों में कथित भूमिका के मामले में सात अन्य आरोपी भी जमानत के लिये अदालत के समक्ष उपस्थित हुये और उन्हें भी जमानत दे दी गई। सज्जन ने गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद २६ फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ले ली थी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिये २० मार्च की तिथि निर्धारित की है।
सिख विरोधी दंगों के सह अभियुक्त गिरधारीलाल इस समय न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि खुशाल सिंह अदालत में उपस्थित नहीं था। इस बीच सैक़डों सिख प्रदर्शनकारी क़डक़डडूमा की अदालत के बाहर इकट्ठा हो गये और दंगे के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
अदालत ने सज्जन कुमार और अन्य ११ आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के बाद २३ फरवरी को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। इन १२ अपराधियों में से एक लाल को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार कर लिये जाने के बाद अदालत ने उसे नौ मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई ने १३ जनवरी को दो अलगअलग मामलों में कुमार पर कथित तौर पर भ़डकाऊ भाषण देने के लिए दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। भ़डकाऊ भाषण के कारण दंगाइयों ने कथित रूप से १२ लोगों की हत्या कर दी थी।
