इंटर की परीक्षाएं शुरू
हैदराबाद। इंटरमीडिएट की आज से शुरू हुईं परीक्षाआें में राज्यभर में ६० हजार से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुल ९,२४,४४० परीक्षार्थियों को परीक्षा देना था, लेकिन ६०,९७३ छात्र परीक्षा में हाजिर नहीं हुए।
इंटर बोर्ड के सचिव बलरामय्या ने बताया कि आज इंटर की परीक्षाएं शांतिपूर्वक शुरू हुईं। कुछ छिटपुट घटनाआें को छ़ोडकर आमतौर पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि राज्यभर के २,३३१ परीक्षा केंद्रों में विशेष पर्यवेक्षण की वजह से कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने ‘माल प्रैक्टिस’ के आरोप में १५ परीक्षार्थियों को डिबार किये जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर की नौ वर्षीय छात्रा नयना इंटर प्रथम वर्ष की परीक्षा में भाग ले रही है। उन्होंने बताया कि नयना विदेश में दसवीं कक्षा पास कर चुकी है, इसलिए उसे इंटर की परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी गयी है। इस बीच, प्रदेश के कई परीक्षा केंद्रों में पूरी सुविधाएं न होने के कारण कई परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी प़डी।
चित्तूर जिले की कई केंद्रों पर बिजली की समस्या के चलते परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी प़डी। परीक्षा के वक्त बिजली की आपूर्ति नहीं रोकने के इंटर बोर्ड के अनुरोध के बावजूद विद्युत विभाग ने कोई रियायत नहीं दी। महबूबनगर में एक ही सरकारी कॉलेज में ६० फीसदी अनुपस्थिति होने के कारण उन्हें परीक्षा प्रवेश पत्र जारी नहीं किये गये थे, जबकि एक अन्य कॉलेज में ४० फीसदी उपस्थिति होने के बाद भी परीक्षा की अनुमति दिये जाने को लेकर विरोध जताया गया। इस तरह राज्यभर में लगभग १० हजार से अधिक परीक्षार्थी हाजिरी की समस्या के चलते परीक्षा देने से वंचित रह गये। सरकार ने कहा है कि हाजिरी का मसला संबंधित कॉलेजों के प्राचाया] को सौंप दिया गया है। इसके बावजूद कई जिलों में हाजिरी कम होने के कारण परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे सके। इंटर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कम अनुपस्थिति वाले परीक्षार्थियों को कहीं भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
श्रीकाकुलम व गुुंटूर सहित अन्य जिलों में परीक्षा प्रवेशपत्र नहीं दिये जाने को लेकर वहां के विद्यार्थियों ने विरोध जताया। कुछ परीक्षा केंद्रों में भाषाई प्रश्नपत्रों की जगह दूसरे प्रश्न पत्र बांटने के कारण असमंजस की स्थिति पैदा हो गयी। लेकिन बोर्ड की हस्तक्षेप के बाद परीक्षार्थियों को संबंधित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। सूत्रों के अनुसार कुछ परीक्षा केंद्रों को जहां तेलुगु और संस्कृत के प्रश्नपत्र देने थे, वहां अरबी भाषा के प्रश्नपत्र दिये गये। इंटर परीक्षाआें में प्रश्नपत्रों के तीन सेट होने के कारण बोर्ड सचिव बलरामय्या ने आज सुबह सेट१ प्रश्नपत्र का चयन कर, इसकी सूचना राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों को दी गयी।
