ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

दिलत इसाइयों को आरक्षण के मुदे पर केंद को नोिटस

swatanvartha  Thu, 7 Jan 2010, IST

दिलत इसाइयों को आरक्षण के मुदे पर केंद को नोिटस

नइ दीिल । उतम यायालय ने सिवधान में अनुसूचित जाित से सबिधत १९५० के आदेश के अनुछेद तीन की वधता को चुनाती देने वाली एक यािचका पर कें सरकार आर अय पक्षों को आज नोिटस जारी िकए।

याचिकाकता आल इिडया िकचियन फेडरेशन की ओर से मामले की परवी करते हए वरि अधिवा केके वेणुगोपाल ने धान यायाधीश केजीबालाकणन आर यायमूित बीएसचाहान की खडपीठ के समक्ष दलील दी कि दलित इसाइयों आर मुसलमानों को अनुसूिचत जाति की सूची में शामिल िकया जाना निहायत आवयक ।

उहोंने कहा कि रगनाथ मिश्रा कमेटी ने भी इसकी सिफारिश की ह। वेणुगोपाल ने कहा िक सबधित अनुछेद ऐसे लोगों की साजिश का नतीजा ह, जो यह चाहते ह कि अनुसूचित जातियों (एससी) आर अनुसूचित जनजातियों (एसटी) का शोषण होता रहे आर जातीय णाली जारी रहे।

उहोंने कहा कि धम के आधार पर किसी को आरक्षण के लाभों से वचित नहीं किया जा सकता। उहोंने कहा कि सवणा] के हाथों उपीडन अनाचार एव अपयता के दश से बचने के लिए अनुसूचित जाति के जिन लोगों ने इसाइ धम अपना लिया, उहें हिदू एससीएसटी को मिलने वाले आरक्षण एव अय लाभों से वचित रखा गया ह, जो सरासर अयाय

(शेष प चार पर)वेणुगोपाल ने दलील दी कि अनुछेद३४१ के तहत किया गया सविधान सशोधन निहित वाथा] की साजिश ह, जो हिदू जातीय णाली को जारी रखने के पक्षधर रहे ह। उनकी दलीलें सुनने के बाद यायालय ने केींय सामाजिक याय एव आधिकारिता मालय, अपसयक मामलों के मालय, राीय अनुसूचित जाति आयोग आर आध देश सरकार के सामाजिक कयाण मालय को नोटिस जारी किये।

खडपीठ ने इस मामले की सुनवाइ दलित इसाइयों आर मुसलमानों के आरक्षण के सिलसिले में पहले से लबित एक अय मामले के साथ ही किये जाने का भी फसला किया। इसी खडपीठ ने सविधान अनुसूचित जाति आदेश सशोधन अधिनियम१९९० की वधता को चुनाती देने वाली एक अय जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिकाकता बुटि सोसाइटी आफ इडिया ने अपनी याचिका में माग की थी कि बा धम अपना चुके एससी को हिदू एससी आर एसटी को मिलने वाले लाभ से वचित किया जाना चाहिए।

आपकी राय