भाजपा ने लगाई राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार
नई दिल्ली। महंगाई पर संसद में मत विभाजन वाले नियमों के तहत चर्चा कराने में असफल होने के बाद मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस मामले में सरकार के ध्यान नहीं देने की शिकायत आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से की और अपनी मांग के समर्थन में देश के विभिन्न प्रदेशों से १० कऱोड लोगों का हस्ताक्षर सौंपा। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में पार्टी के एक शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत पार्टी सांसद और प्रदेश प्रमुख आदि शामिल थे। राष्ट्रपति से मुलाकात के बात आडवाणी ने संवाददाताआें से कहा, ‘मुख्य विपक्षी दल होने के नाते महंगाई के इस महत्वपूर्ण विषय पर जो भी कदम उठाने चाहिए, हमने उठाये हैं। कुछ दिन पहले अभूतपूर्व भारत बंद के बाद आज हमने राष्ट्रपति को महंगाई के विरोध में १० कऱोड लोगों के हस्ताक्षर सौंपे हैं। महंगाई को संवैधानिक दायित्व के निर्वहन में विफलता नहीं मानने की सरकार की दलील पर उन्होंने कहा, ‘महंगाई को नहीं रोक पाना सरकार की विफलता नहीं तो और क्या है। आम आदमी की बात करने वाली इस सरकार की विफलता को हमने लोगों के सामने लाने का काम किया है। विपक्ष में रहते हुए इससे अधिक क्या किया जा सकता है।’ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि महंगाई से देश की जनता त्रस्त है और हमने इस मामले में राष्ट्रपति से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
गडकरी ने कहा, ‘हमने राष्ट्रपति से कहा कि फरवरी, २०१० में संसद के संयुक्त सत्र के दौरान आपने आम लोगों से ज़ुडे इस विषय पर चिंता जतायी थी और सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री ने भी १०० दिनों के भीतर महंगाई पर काबू करने की बात कही थी, लेकिन ऐसा लगता है कि आश्वासन देने और प्रतिबद्धता व्यक्त करने के बावजूद संप्रग सरकार आम आदमी की प़ीडा के प्रति असंवेदनशील है।’
उन्होंने कहा, ‘ब़ढती कीमतों से गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट गई है, लेकिन यह चिंता का विषय है कि सरकार को यह पता नहीं है कि देश में गरीबों की संख्या क्या है।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ अनाज स़ड रहा है, दूसरी ओर गरीब दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है। देश में अनाज के पर्याप्त भंडार नहीं है और भंडारण की उचित सुविधा का अभाव है। गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम पदाथा] की कीमतों में वृद्धि से लोगों को एक और आघात लगा है।
उन्होंने कहा, ‘महंगाई का कारण कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की गलत आर्थिक नीति और खराब शासन है। हमने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।’
