अक्षरधाम ममले में न्यायालय ने फांसी की सजा पर लगाई रोक
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर वर्ष २००२ में हुए हमले के मामले के दो दोषियों की मौत की सजा के आदेश पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने दोनों आरोपियों अदम भाई सुलेमान और अब्दुल कयूम मुफ्ती की मौत की सजा को कायम रखा था। अक्षरधाम मंदिर पर हमले में ३७ लोगों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति बीसुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सजा पर रोक लगाते हुए सीबीआई और गुजरात सरकार को नोटिस भी जारी किए। दोनों आरोपियों ने अपनी सजा को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। एक विशेष पोटा अदालत ने जुलाई २००६ में सुलेमान और मुफ्ती दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद इस वर्ष जून में गुजरात उच्च न्यायालय ने इस सजा पर मुहर लगा दी थी, दोनों आरोपियों ने इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।
