तेलगाना पर पाच सदयीय समिति गठित
नइ दीली। आध देश को विभाजित कर पथक तेलगाना राय बनाने की माग का अययन करने के लिये कें सरकार ने आज उतम यायालय के पूव यायाधीश बीएनश्रीकणा की अयक्षता में पाच सदयीय एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया।
गह मालय के वा ने कहा कि समिति आध देश में सभी वगो] के लोगों से आर अलगअलग राजनीतिक दलों एव समूहों से यापक बातचीत करेगी। समिति के अय सदयों में राीय विधि विववािलय, दीि के कुलपति ाेडारणवीर सिंह, अतराीय खा नीति अनुसधान सथान के वरि रिसच फेलो डाअबूसलेह शरीफ, आइआइटी, दीि की डासुश्री रविंदर कार तथा पूव गह सचिव विनोद केदुगल होगे। दुगल समिति के सदय सचिव के तार पर भी काम करेंगे। वा ने कहा कि नियम एव शतो] की परेखा तयार की जा रही ह आर समिति के अयक्ष के साथ बातचीत के बाद इहें आखिरी प दिया जाएगा।
गारतलब ह कि गहमी चिदबरम ने पिछले साह कहा था कि पथक तेलगाना के निमाण की माग पर अययन करने के लिए समिति की घोषणा जदी ही की जाएगी। चिदबरम ने पाच जनवरी को आध देश के आठ मायता ा राजनीतिक दलों के तिनिधियों की एक बठक बुलाइ थी। उहोंने कहा था कि यह बठक तेलगाना मुे पर एक त आर एक रोडमप तयार करने के लिये बुलाइ गइ थी। चिदबरम ने सोमवार को अपने मालय के मासिक कामकाज का यारा देने के बाद सवाददाताआें को नों का उार देते हये कहा था कि आज तो साह का पहला दिन ह। उहोंने बताया था कि आठ राजनीतिक दलों के तिनिधियों के साथ हइ बठक के आधार पर एक त आर रोडमप तयार किया जायेगा।
यायमूति श्रीकण धानमी की पसद
समिति के अयक्ष यायमूति बीएन श्रीकणा धानमी डामनमोहन सिंह के पसद ह। समिति का आकार आर पाच सदयों के नाम को अतिम प देने के बाद श्री सिंह ने मगलवार को यायमूति श्रीकणा से बात की थी। यायमूति श्रीकणा से उनकी वीकति मिलने के बाद यह आज घोषणा की गइ। यायमूति श्रीकणा के नाम को लेकर अलगअलग तरह की अटकलबाजी लगाइ जा रही थी। यायमूति को यह जिमेदारी दिये जाने के पीछे अनेक कारण ह। यायमूति श्रीकणा इमानदार ह। इसके अलावा श्री सिंह ने उहें सरकारी कमचारियों के छठे वेतन आयोग के अयक्ष पद पर नियु किया था। धानमी चाहते थे कि रोडमप परामश समिति का पमुख इमानदार य हो।
२८ जनवरी, २०१० को धानमी कायालय के वरि अधिकारी ने श्रीकणा से टेलीफोन पर बातचीत की आर उसके बाद आध देश के रायपाल इएसएल नरसिहन ने उनसे इस बारे में बातचीत की। इस समिति को यापक बनाने के लिये कागेस कोर कमेटी ने पाच सदयों को शामिल करने का नीतिगत फसला लिया था। समिति के सदयों का नाम चयन करने के लिये धानमी पर छोड दिया गया। सरकार ने समिति के सदयों के लिये १२ नामों की एक सूची बनाइ थी, जिसमें धानमी ने एक महिला सहित पाच को समिति में शामिल किया।
