मेडिक्लेम के लिए अस्पतालों पर बीमा कंपनियों की शर्त
नई दिल्ली। लोगों से बिना नकद भुगतान लेकर उनका इलाज करने और बाद में दावा पेशकर बीमा कंपनियों से इलाज खर्च वसूलने की सुविधा उठाने के लिए अस्पतालों को सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों द्वारा तय दरें को मानना होगा।
कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दावों को लेकर ब़डी मेडिक्लेम सुविधा देने के हेल्थकेयर कंपनियों के साथ टकराव में उलझीं सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों ने आज जोर दिया कि यह सुविधा केवल उन्हीं अस्पतालों के लिए उपलब्ध होगी, जो इलाज खचा] के लिए उनकी दरों पर सहमत होंगे। सार्वजनिक क्षेत्र की चार गैर जीवन बीमा कंपनियों, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘इस तरह की पैकेज दरें तय करने और अस्पताल में इलाज खचा] को स्थिर करने से बीमित व्यक्तियों को कई तरह के लाभ होंगे।’ कैशलेस मेडिक्लेम सुविधां के तहत बीमित व्यक्तियों के चिकित्सा खर्च का बिल कथित तौर पर ब़ढाच़ढाकर दिखाने से इन बीमा कंपनियों को भारी घाटा उठाना प़ड रहा है,
