ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

८० फीसदी ग्रामीणों को तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से ३५ किलो अनाज !

Swatantra Vaartha  Tue, 31 Aug 2010, IST

८० फीसदी ग्रामीणों को तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से ३५ किलो अनाज !

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की आज हुई बैठक में देश के ८० प्रतिशत ग्रामीणों को हर महीने तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से ३५ किलो गेहूंचावल देने की सिफारिश की गयी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पर आने वाली ज्यादा लागत को लेकर कृषि मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों से विचारविमर्श का फैसला किया गया।

आज की बैठक में सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक के नये सिरे से तैयार किये जा रहे मसौदे की भी जानकारी सदस्यों को दी गयी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि देश के ८० प्रतिशत ग्रामीणों को तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से ३५ किलो अनाज दिया जाये। शेष २० प्रतिशत ग्रामीण जनता को इस सुविधा से अलग रखा जाएगा, जिनमें सरकारी नौकरी पेशा लोग, जमींदार आदि होंगे। सूत्रों के मुताबिक पीडीएस में सुधार को लेकर भी चर्चा हुई और यह प्रस्ताव आया८० फीसदी ग्रामीणों

कि पीडीएस की जिम्मेदारी विक्रेताआें के अलावा महिला संगठनों, स्वैच्छिक संगठनों आदि को दी जाए और स्थानीय स्तर पर अनाज का वितरण हो। जहां तक शहरों में अनाज देने की बात है, तो इसके लिए स्थान के आधार पर (मसलन झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोग), व्यवसाय के आधार पर और सामाजिक रूप से कमजोर तबकों की पहचान जरूरतमंदों के तौर पर की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विधेयक संबंधी एनएसी के कार्यसमूह में शामिल एक सदस्य ने कहा, ‘केवल पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी स्थानीय स्तर पर वितरण हो ऐसा सुझाव रखा गया है।’

उन्होंने कहा कि गेहूं और चावल के अलावा ज्वार, मक्का और बाजरा जैसे अनाजों को भी इस व्यवस्था के तहत वितरित करने पर विचार किया जा रहा है। परिषद के एक सदस्य ने बताया, ‘हमने इस मुद्दे पर कृषि मंत्रालय के विचार जानने का फैसला किया है।

आपकी राय