सेंसेक्स 16 हजार के नीचे पहुंचा
मुंबई। विश्वभर के शेयर बाजारों में अफरातफरी के माहौल का असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी प़डा और इनके प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट दर्ज की गयी। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स ४३० अंक की गिरावट के साथ १६,००० के स्तर से नीचे बंद हुआ। गौरतलब है कि कल सेंसेक्स २७१ अंक टूटा था।
आज चौतरफा बिकवाली दबाव में सेंसेक्स ४३४०२ अंक का गोता लगाते हुए १५,७९०९३ अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने इससे पहले यह स्तर नवंबर में देखा था। कारोबार के दौरान यह एक समय १५,७२५४३ अंक के दिन के निचले स्तर पर आ गया था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी १२६७० अंक की गिरावट के साथ ४,७१८६५ अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ४,६९२३५ अंक के दिन के निचले स्तर पर आ गया था।
ब्रोकरों ने कहा कि बिकवाली की मार से कोई भी शेयर बच नहीं पाया और सबसे अधिक झटका रीयल एस्टेट और धातु शेयरों को लगा और इनके सूचकांकों में ४ फीसदी से अधिक की गिरावट आई।
बीएसई सेंसेक्स में टाटा पावर को छ़ोडकर सभी २९ कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें सबसे अधिक झटका रिलायंस इंडस्ट्रीज और इनफोसिस टेक्नोलाजीज को लगा।
यूरोप के सावरेन ऋण, अमेरिका में बेरोजगारी भत्ता के दावेदारों की संख्या में ब़ढोत्तरी और जिंसों एवं ऊर्जा की कीमतों में तेज गिरावट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर आशंका पैदा हो गई, जिससे विश्वभर के शेयर बाजार ध़डाध़ड गिरते गए। जियोजित बीएनपी परिबा फिनांशल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख एलेक्स मैथवेज ने कहा, ‘वैश्विक बाजार कमजोर रहे और यूरोप में सावरेन ऋण के पुनर्भुगतान को लेकर चिंता का निवेशकों की धारणा पर असर प़डा।’
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मुद्रास्फीति में तेजी एवं सरकार द्वारा प्रोत्साहन पैकेजों को वापस लिए जाने की आशंका का भी बाजार की धारणा पर असर प़डा। वहीं, एनटीपीसी के एफपीओ को उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिलने से भी बाजार निराश हुआ।
