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तेदेपा अल्पसंक्यक प्रकोष्ट को ने रोशया का पुतला फूका

Swatantra Vaartha  Wed, 10 Feb 2010, IST

तेदेपा अल्पसंक्यक प्रकोष्ट को ने रोशया का पुतला फूका

हैदराबाद, ९ फरवरी (वत वाता)। शिक्षा व रोजगार के क्षे में मुलिम अपसयकों के लिए चार फीसदी आरक्षण कानून र किये जाने के खिलाफ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के अपसयक को ने आज सुबह सचिवालय को घेरने का असफल यास किया। दशनकारियों ने इसके लिए देश की कागेस सरकार को दोषी ठहराया। गारतलब ह कि कल देश उ यायालय ने यह कहते हए इस कानून को र कर दिया कि धम के आधार पर आरक्षण देना सही नहीं होगा।

तेदेपा के वरि नेता लाल जन बाशा, गेटर हदराबाद के तेदेपा अयक्ष टी कणा राव, वफ बोड के पूव चेयरमन सलीम आदि नेताआें के नेतव में दशनकारियों ने आज बशीरबाग थित ेस लब के निकट धरना दिया आर मुयमी केरोशया का पुतला फूका।

जब दशनकारियों ने सचिवालय की ओर बढने की कोशिश की, तो बशीरबाग में ही पुलिस ने कारवाइ करते हए उहें तितरबितर कर दिया।

तेदेपा नेताआें ने कागेस सरकार पर मुलिम समुदाय को सिफ वोट बक बनाने आर उनके हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। देश तेदेपा अपसयक को के महासचिव मोहमद शाहबाज अहमद खान ने कहा कि मुयमी मुलिम आरक्षण मुे को उ यायालय के समक्ष रखने में विफल रहे। कें सरकार ारा गठित यायमूति सर समिति तथा मिश्र समिति की सिफारिशों का हवाला देते हए उहोंने कहा कि इनमें साफ तार से उेख किया गया है कि मुलिम अपसयक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे ह आर शिक्षा व रोजगार के क्षे में उहें आरक्षण देना जरी है।

उहोंने कहा कि चुनाव से पूव कागेस ने अपने घोषणाप में मुलिम अपसयकों को पाच फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था, जबकि तेदेपा ने तीन फीसदी ही आरक्षण देने का वादा किया था। उहोंने कहा कि अगर कागेस तीन फीसदी ही आरक्षण देती, तो उसे उ यायालय ारा र नहीं किया जाता। उहोंने कहा कि अपने वादे से मुकर कर रोशया सरकार ने देश के मुलिम समुदाय को धोखा दिया है।

अहमद खान ने बताया कि असम में १० वषा] से कागेस की सरकार ह आर वहा मुलिम समुदाय की आबादी ३० फीसदी होने के बावजूद उनके लिए कोइ आरक्षण नहीं ह, जबकि आध देश में साा की भूखी कागेस ने पाच फीसदी आरक्षण की घोषणा कर दी। उहोंने कहा कि उ यायालय के इस फसले से लाखों अपसयक छााें का जीवन भावित होगा।

को के नेताआें ने अपसयकों के हितों की रक्षा करने में असफल रहने का आरोप लगाते हए देश के अपसयक मामलों के मी सइद अहमदुा के इतीफे की माग भी की। नेताआें ने चेताया कि अगर कागेस सरकार की मुलिम विरोधी नीतिया जारी रहीं, तो उहें मुलिम छा सबक सिखायेंगे।


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