अदालत ने दिया तल्लुरी श्रीनिवास को रिहा करने का आदेश
हैदराबाद। नगर की एक अदालत ने सत्यम कंप्यूटर धोखाध़डी मामले में सीबीआई की याचिका को खारिज करते हुए मामले के एक आरोपी और आडिट कंपनी प्राइसवाटरहाउस कूपर्स के पूर्व भागीदार तल्लुरी श्रीनिवास को रिहा किये जाने का आज आदेश दिया। अदालत का यह आदेश सीबीआई के लिये झटका है।
सीबीआई की आपत्तियों को खारिज करते हुए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने आडिटर श्रीनिवास को शहर के चंचलग़ुडा जेल से तत्काल रिहा किये जाने का आदेश दिया। तल्लुरी अन्य सत्यम आरोपियों के साथ इसी जेल में बंद हैं। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने श्रीनिवास की जमानत की अर्जी चार फरवरी को मंजूर कर ली थी। जांच एजेंसी ने श्रीनिवास को रिहा किये जाने का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ और भी मामला है।
सीबीआई का कहना था कि वह आयकर से ज़ुडे एक अन्य मामले में शामिल है और इस संबंध में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। सीबीआई के वकील ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय के जमानत आदेश में दूसरे मामले का उल्लेख नहीं है। इसके तहत श्रीनिवास पर सत्यम के संस्थापक बीरामलिंग राजू तथा अन्य के साथ मिलकर झूठा आयकर रिटर्न दाखिल करने का आरोप है और इस बाबत आरोपपत्र भी दाखिल किये गये हैं।
पिछले वर्ष जनवरी में श्रीनिवास को प्राइसवाटरहाउस के उनके वरिष्ठ एसगोपालकृष्णन के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन पर राजू और अन्य के साथ मिलकर धोखाध़डी करने का आरोप है। मामले में १० आरोपियों में से श्रीनिवास पहला शख्स है, जिसे जमानत पर रिहा किया गया है, जबकि राजू के भाई बीसूर्यनारायण अग्रिम जमानत पर हैं।
