डॉक्टरों के लिए एक वर्ष सरकारी नौकरी अनिवार्य
हैदराबाद। प्रदेश सरकार ने अगले शैक्षणिक वर्ष से स्नातकोत्तर डिप्लोमा या डिग्री पाठ्यक्रम पूरा करने वाले मेडिकल छात्रों के लिए एक वर्ष तक के लिए सरकारी नौकरी अनिवार्य कर दी है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले डिप्लोमा छात्रों को १५ लाख और डिग्री छात्रों को २० लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री पीसुदर्शन रेड्डी ने आज यहां सचिवालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि क्लिनिक विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों को जिला एवं तालुका अस्पतालों में पदस्थापित किया जायेगा, जबकि जो लोग क्लिनिक विशेषज्ञता वाले नहीं हैं, उन्हें प्रशिक्षण देने वाले अस्पतालों या जिला अस्पतालों में पदस्थापित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जिलों में काम करके डॉक्टर ब़डी संख्या में कस्बाई एवं ग्रामीण लोगों का उपचार करेंगे और उन्हें पर्याप्त क्लिनिक दक्षता हासिल होगी। साथ ही ग्रामीणों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा का लाभ मिलेगा। रेड्डी ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर में २५० अतिरिक्त छात्रों के नामांकन को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सीटों की संख्या प्रति वर्ष १०५० से ब़ढकर १३०० हो जायेगी।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में काम करने से डॉक्टरों में जागरूकता ब़ढेगी और राजीव आरोग्यश्री सहित अन्य राष्ट्रीय चिकित्सा योजनाआें की जानकारी भी मिलेगी। साथ ही सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से भी निपटा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ऐसे डॉक्टरों को २० से २५ हजार रुपये का वेतन दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि दाखिला लेने के समय ही छात्रों को बांड भरना होगा।
