‘पृथक तेलंगाना के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार’
हैदराबाद। तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस, टीआरएस व पीआरपी नेताआें ने आज कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य गठन के संबंध में गत ९ व २३ दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम द्वारा की गयी घोषणाआ के तहत गठित श्रीकृष्णा समिति के विधिविधान तेलंगाना के अनुकूल होने की उम्मीद जतायी जा रही है, लेकिन अगर ये (विधिविधान) प्रतिकूल हुए, तो इन नेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार रहने का निर्णय लिया है।
आज नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में श्रीकृष्णा समिति के विधिविधान तय किये जाने की संभावनाआें के बीच यहां कांग्रेस सांसद के केशव राव के आवास पर तेलंगाना क्षेत्र के मुख्य नेताआें के चंद्रशेखर राव, रविंद्रा रेड्डी, विनोद (टीआरएस), मधु यास्की ग़ौड, जी विवेक, मंदा जगन्नाथम, एस राजय्या, डीके अरुणा, रामरेड्डी दामोदर रेड्डी, नरसा रेड्डी, केआर आमोस (कांग्रेस) तथा ए महेश्वर रेड्डी (पीआरपी) आदि ने करीब पांच घंटे तक बैठक की।
बैठक में कांग्रेस कमेटी द्वारा घोषित किये जाने वाले श्रीकृष्णा समिति के विधिविधान कैसे होंगे, इस पर विस्तार से चर्चा की गयी। रात सात बजे तक चली कोर कमेटी की बैठक में किसी तरह के विधिविधान तय नहीं किये जाने की खबर मिलने से यहां के नेताआें ने भी अपनी बैठक खत्म कर दी। बाद में केचंद्रशेखर राव, मंदा जगन्नाथम, विनोद, दामोदर रेड्डी ने मीडिया को बैठक में हुई चर्चा का विवरण दिया।
उन्होंने बताया कि बैठक में तेलंगाना की मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गयी। तेलंगाना आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों के खिलाफ दर्र्र्ज पुलिस मामलों को हटाने की घोषणा स्वयं केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने की थी, लेकिन आज तक राज्य सरकार ने उक्त मामलों को वापस नहीं लिया है। फलस्वरूप विद्यार्थियों को अकारण चिंता व प़ीडा से गुजरना प़ड रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों पर दर्ज मामलों के विषय में गंभीर चर्चा हुई और इस मामले में सरकार से एक बार फिर अनुरोध करने का निर्णय लिया गया है।
चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना के गठन के संकेत के साथसाथ तय समयसीमा के साथ विधिविधानों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है। अगर विधिविधान तेलंगाना के लोगों की इच्छा के विपरीत हुए, तो सभी नेताआ ने किसी भी तरह के त्याग व कितने भी कठिन निर्णय के लिए तेैयार रहने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आर दामोदर रेड्डी ने कहा कि बैठक में केंद्र द्वारा घोषित किये जाने वाले श्रीकृष्णा समिति के संभावित विधिविधानों के स्वरूप पर चर्चा की गयी और उन्हें पूरा विश्वास है कि अगले एकदो दिन में केंद्र तेलंगाना के अनुकूल विधिविधान घोषित करेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने की स्थिति में किसी भी प्रकार की कुर्बानी के लिए वे तैयार हैं तथा जरूरत प़डने पर विधायक पुन: इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही केंद्र से तेलंगाना के अनुकूल घोषणा किये जाने की पूरी संभावना है।
सांसद मधु यास्की ग़ौड, मंदा जगन्नाथम ने श्रीकृष्णा समिति के विधिविधानों के संदर्भ में कहा कि सभी नेताआें को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर तेलंगाना प्राप्त करने की दिशा में पहल करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि समिति के विधिविधान तेलंगाना के अनुकूल अथवा प्रतिकूल होने की स्थितियों में की जाने वाली संभावित कार्रवाइयों पर बैठक में गहन चर्चा हुई।
