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श्रीकृष्णा समिति के कार्य क्षेत्र की घोषणा पर मिश्रित प्रतिक्रिया

Swatantra Vaartha  Sat, 13 Feb 2010, IST

श्रीकृष्णा समिति के कार्य क्षेत्र की घोषणा पर मिश्रित प्रतिक्रिया

हैदराबाद। तेलंगाना मुद्दे के अध्ययन के लिए गठित श्रीकृष्णा समिति के कार्य क्षेत्र की घोषणा पर प्रदेश के राजनीतिक दलों ने मिश्रित प्रतिक्रिया जतायी है। जहां तेलंगाना समर्थकों ने क्षेत्र के साथ इसे ‘विश्वासघात’ बताया है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी श्रीनिवास व प्रजा राज्यम्‌ पार्टी (पीआरपी) ने इसका स्वागत किया है।

श्रीनिवास ने उम्मीद जताई कि समिति प्रदेश के साथ न्याय करेगी और उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से इसके साथ सहयोग करने को कहा। विधायकों से इस्तीफा देने की टीआरएस की मांग पर श्रीनिवास ने कहा कि इस्तीफे से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। तेलंगाना क्षेत्र से तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेताआें ने कहा कि समिति के कार्य क्षेत्र की घोषणा क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात है और केंद्र अलग राज्य की मांग को ठंडे बस्ते में डालने में लगा हुआ है।

तेदेपा पोलित ब्यूरो के सदस्य नगम जनार्दन रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे को प्रदेश में संवैधानिक संकट पैदा करके हासिल किया जा सकता है। वहीं, पीआरपी ने समिति के कार्यक्षेत्र की घोषणा का स्वागत किया और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि समिति द्वारा सलाहमशविरे की प्रक्रिया पूरी किए जाने तक वे संयम रखें। पीआरपी के राजनैतिक मामलों की समिति के सदस्य कलावेंकट राव ने कहा, ‘पांच जनवरी को हुई सर्वदलीय बैठक में किए गए वादे के अनुसार केंद्र की ओर से यह सही कदम है।’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सांसद वीहनुमंत राव ने श्रीकृष्ण समिति के नियम व शता] का स्वागत करते हुए कहा कि उक्त समिति का मुख्य उद्देश्य पृथक तेलंगाना का गठन है और इसमें कोई दो राय नहीं है।

आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए हनुमंत राव ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान पृथक तेलंगाना के गठन के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि एकीकृत आंध्र प्रदेश का नारा कुछ स्वार्थी राजनेताआें का है तथा आंध्रा व रायलसीमा क्षेत्र के लोग भी पृथक तेलंगाना के गठन के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों व विधायकों द्वारा इस्तीफा दिये जाने से प्रदेश में राजनीतिक समस्या पैदा हो जायेगी, जो राज्य के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र द्वारा प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू की जाये, तो भी पृथक तेलंगाना का गठन किया जा सकता है।

लोकसत्ता पार्टी ने तेलंगाना मुद्दे पर गठित श्रीकृष्णा समिति के कार्यक्षेत्र की घोषणा को अपेक्षा के अनुसार बताया। पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ जयप्रकाश नारायण द्वारा गठित पार्टी ने कहा कि राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्रों और अन्य तबकों को सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करना चाहिए और समस्या का अध्ययन करने और विभाजन को पाटने में समिति की मदद करनी चाहिए। मीडिया को आज यहां संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता वी लक्ष्मण बालाजी और वीवी विजयेंद्र रेड्डी ने कहा कि समिति न तो संवैधानिक निकाय है और न ही संसद द्वारा पारित किसी कानून के तहत इसका गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति सिर्फ अनुशंसा कर सकती है। कोई भी फैसला करने का अधिकार केंद्र और प्रदेश सरकारों तथा संसद और राज्य विधायिका के पास है।

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