श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनायी गयी
हैदराबाद। श्री छत्रपति शिवाजी मराठा नवयुवक मंडल, भाग्यनगर के तत्वावधान में आज नगर में श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के जयंती उत्सव २०१० का आयोजन किया गया, जिसमें मराठी समुदाय के हजारों लोगों ने ब़डे ही उत्साह से भाग लिया।
जयंती उत्सव के तहत पुरानापुल स्थित छत्रपति शिवाजी द्वार से इमलीबन बस डिपो स्थित शिवाजी पुल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। शोभा यात्रा के दौरान आंध्र प्रदेश वारकरी भजन मंडली द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा शोभा यात्रा के दौरान युवाआें ने विभिन्न प्रकार के करतबों का भी प्रदर्शन किया। इमलीबन बस डिपो में आयोजित जनसभा के दौरान प्रश्नमंच प्रतियोगिता के प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताआें पुरस्कृत किया गया।
शिव सेना प्रतिष्ठान, आंध्र प्रदेश मराठा मंडल, आंध्र प्रदेश मराठा महिला मंडल, आंध्र प्रदेश मराठा गोल्ड एंड सिल्वर रिफाइनरीज, मराठी प्रगति समाज आंध्र प्रदेश तथा आंध्र प्रदेश वारकरी भजन मंडली के सहयोग से जयंती उत्सव का आयोजन किया गया।
महाराष्ट्र के पूर्व विधायक मुरलीधर राव मुगलीकर ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुरलीधर राव मुगलीकर ने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्षपूर्ण था तथा उन्होंने अपना सारा जीवन मराठाआें के सम्मान हेतु समर्पित किया। उन्होंने कहा कि हमें शिवाजी महाराज के जीवन से सीख लेनी चाहिए और अपने समुदाय के विकास हेतु कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने मुगलों के शासन के खिलाफ आवाज उठायी तथा हिंदू धर्म एवं समाज की रक्षा की।
शिवसेना के विनीत कमल ने कहा कि युवा पीढी को शिवाजी महाराज की तरह अपनी मातृभूमि से प्यार करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के मराठी समुदाय ने नगर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित कर एक महान कार्य किया है।
कर्नाटक के संदीप तेलगांवकर ने अपने संबोधन में कहा कि हमें शिवाजी महाराज द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की जयंती भारत के किसी भी त्यौहार से कम नहीं है तथा इसे सभी को मनाना चाहिए।
इस अवसर पर जयंती उत्सव के अध्यक्ष मदन जादव, महासचिव विश्वनाथ मोर, आयोजक गोपाल राव जगताप, उपाध्यक्ष उमाकांत पोल, आंध्र प्रदेश के मराठा मंडल के अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, मराठा महिला मंडल की अध्यक्ष अरुण शिंदे, पार्षद वैकुंठम, अनिल किशन पाटिल मेकर आदि उपस्थित थे।
