रोशय्या ने छात्रों से की ‘चलो विधानसभा’ वापस लेने की अपील
हैदराबाद। मुख्यमंत्री के रोशय्या ने आज कहा कि सभी विद्यार्थी उनके बच्चों के समान हैं और अपने बच्चों की प़ढाई बरबाद होता देखकर कोई भी पिता चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने छात्रों से कल के ‘चलो विधानसभा’ (विधानसभा का घेराव) को वापस लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा स्थित अपने कक्ष में मीडिया को बताया कि ‘चलो विधानसभा’ जैसे विरोधप्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व घुसपैठ कर अशांति पैदा कर सकते हैं। उन्होंने सभी पार्टियों व क्षेत्रों के लोगों से श्रीकृष्णा समिति के सामने अपनीअपनी राय व्यक्त कर तेलंगाना राज्य गठन के मसले को सुलझाने का प्रयास करने की अपील की और कहा कि शासनादेश६१० पर क्रियान्वयन जारी रखने के लिए जरूरी प्रक्रिया बनाने के प्रति उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले उत्तम कुमार रेड्डी के नेतृत्व में सदन समिति नियुक्त की गयी थी और तेलंगानावादियों की मांग पर शासनादेश६१० का प्रभावी रूप से अमल करने व पर्यवेक्षण के लिए पुन: सदन समिति नियुक्त करने के लिए सरकार तैयार है। तेलंगाना क्षेत्र के नेता को उपमुख्यमंत्री पद देने की एमआईएम विधायक दल के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की मांग संबंधी एक सवाल के जवाब में रोशय्या ने कहा कि इस मांग को भी केंद्र के समक्ष ले जाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जस्टिस श्रीकृष्णा समिति की नियुक्ति के बाद भी छह सूत्री फार्मूला जैसी मांगों पर भी ध्यान देना गलत नहीं है।
उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर से पुलिस बलों को हटाने संबंधी प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक पर जब उनकी राय मांगी गयी, तो रोशय्या यह कहकर बात टाल गये कि उन्होंने अभी तक फैसले की प्रति नहीं देखी है और इसलिए अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर सभी सवालों का जवाब यहीं दे दूंगा, तो विधानसभा में बोलने के लिए क्या बचेगा।’
