आवश्यक वस्तुआें की मूल्यवृद्धि पर नजर रखें अधिकारी : रोशय्या
हैदराबाद। मुख्यमंत्री केरोशय्या ने आज जिलाधीशों व वरिष्ठ अधिकारियों को जिला समीक्षा बैठकों के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा गये उठाये गये मुद्दों पर की गयी कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारियों से इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे विभिन्न मुद्दों खासकर आवश्यक वस्तुआें की मूल्यवृद्धि पर हमेशा नजर रखें।
मुख्यमंत्री रोशय्या आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला समीक्षा बैठकों के दौरान उठाये गये विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री अब तक १० जिलों की समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। इस बैठक में जिलों के प्रभारी मंत्रियों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जोनल परिषद अध्यक्षों, जिलाधीशों तथा उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। आवश्यक मुद्दों पर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष कई मुद्दे उठाये गये, जिनपर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
अब तक महबूबनगर, कर्नूल, श्रीकाकुलम, नलगोंडा, क़डपा, विशाखपट्टणम, पश्चिम गोदावरी, अनंतपुर, निजामाबाद व कृष्णा जिलों की समीक्षा बैठकें पूरी हो चुकी हैं।
अपने दो दिवसीय विजयनगरम व विशाखपट्टणम दौरे पर रवाना हाेेने से पूर्व आज यहां मुख्यमंत्री केरोशय्या ने बताया कि चित्तूर जिले की समीक्षा बैठक २३ और आदिलाबाद की २६ फरवरी को होगी। प्रकाशम, वरंगल, करीमनगर, खम्मम, विजयनगरम, नेल्लूर, रंगारेड्डी, पूर्व गोदावरी, मेदक तथा गुंटूर जिलों की समीक्षा बैठकें मार्च व अप्रैल में होंगी।
रोशय्या ने कहा कि सरकार कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त निधियां आवंटित कर चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कल्याणकारी योजनाआें का एकएक रुपया उचित लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि आर्थिक संकट के बावजूद दिवंगत मुख्यमंत्री डॉवाईएसराजशेखर रेड्डी द्वारा शुरू की गयीं सभी कल्याणकारी योजनाएं यथावत जारी रखी जायेंगी।
मुख्यमंत्री ने फिर जोर दिया कि उचित लोगों को राशनकार्ड व पेंशन योजना का लाभ मिले, इसके लिए फर्जी राशनकार्ड धारकों की छंटनी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नये राशनकार्ड जारी करते समय यह देखना चाहिए कि किसी को कोई शिकायत न हो। उन्होंने उच्च अधिकारियों से कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा आम आदमी, गरीब तथा पिछ़डों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा,‘हमें यह देखना होगा कि प्रशासन सभी गरीबों व जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुंंचे। हमने गरीबों के पक्ष में बजट पेश किया है और हमारी कोशिश होनी चाहिए कि सभी योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंचे।’
उन्होंने बताया कि बिजली की कमी के बावजूद किसानों को सात घंटे की मुफ्त बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली संकट दूर करने के लिए एपी जेनको की क्षमता ब़ढायी जा रही है। इसके अलावा करीमनगर में २,१०० मेगावाट क्षमता वाली ऊर्जा उत्पादन संयंत्र के प्रथम चरण के तहत ७०० मेगावाट पर कार्य शुरू हो गया है, जिसपर ९००० कऱोड रुपये खर्च किये जायेंगे। आदिलाबाद में भी २,७०० कऱोड रुपये की लागत वाली ६०० मेगावाट विद्युत उत्पादन इकाई स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पावला वड्डी योजना, दो रुपये किलो चावल, अभयहस्तम्, सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि योजनाएं निर्बाध रूप से जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाआें के लिए भारी मात्रा में निधियां जारी करने से आंध्र प्रदेश देश में रोल मॉडल बन गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य व शिक्षित युवकों को सरकारी व निजी क्षेत्रों में नौकरी पाने में हरसंभव मदद दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुआें की ब़ढती कीमतों, राजीव आरोग्यश्री, शिक्षा, छात्रवृत्ति, स़डक निर्माण व राजमार्ग, रेल परियोजनाएं आदि पर नियमित बैठकें कर रही है।
रोशय्या ने बताया कि वह प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह से दो बार भेंट कर उन्हें प्रदेश की लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाआें के बारे में बता चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी से मिलकर प्रदेश की विभिन्न योजनाआें के लिए जल्द से जल्द निधियां आवंटित करने का आग्रह भी कर चुके हैं।
