इंटर की प्रायोगिक परीक्षा में नहीं होगी जंब्लिंग पद्घति
हैदराबाद। मंत्री पार्थसारथी ने कहा कि आगामी ३ फरवरी से प्रारंभ होने वाली इंटरमीडियेट की प्रायोगिक परीक्षा में जंब्लिंग पद्धति नहीं अपनायी जाएगी। उन्होंने बताया कि निजी कालेज संघठन ने अगले शैक्षणिक वर्ष से जंब्लिंग पद्घति को बिना विफल अमल में लाने का आश्वासन दिया है, इस कारण ही इस वर्ष इस पद्दति को अमल में नहीं लाया जा रहा है।
उन्होंने बताय कि कई कालेजों, विशेषकर निजी कालेजों में प्रयोग शाला की सुविधा न होने तथा तेलंगाना आंदोलन के कारण इस वर्ष कालेज ठीक से संचालित नहीं होपाये है। वर्तमान समय में विद्यार्थी और प्रध्यापक पाठ्यक्रम पूर्ण करने में लगे हुए है। इसलिये भी प्रयोग शाला कि सुविधा में देरी हो रही है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने सरकारी जूनियर कालेजों में प्रयोग शाला सुविधा उपलब्ध कराने के लिये १० करोड रुपये खर्च कर रही है। निजी कालेजों को भी नियमों के अनुसरा यथा शीघ्र इस सुविधा के उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ६० से ६५ प्रतिशत कालेजों में प्रयोगशाला कि सुविधा उपलब्ध नहीं है।
अगले शैक्षणिक वर्ष तक इस सुविधा को उपलब्ध नहीं कराया गया तो, कालेज कि अनुमति रद्ध करदी जाएगी। इसके साथ ही प्रयोगशाला का रख रखाव और उपयोग भी नियमों के अनुसार नहीं रहने पर भी संबंधित कालेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सही तरीखे से प्रायोगिक परीक्षा का संचालन न करने वाले कालेजों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सरकार पर्यवेक्षक को भेज कर स्थिति का जाएजा लेगी। उन्होंने बताया कि प्रयोगिक परीक्षा में ३० अंकों में २७ अंक लाने वाले विद्यार्थी की प्रायोगिक परीक्षा की भी जांच पडताल की जाएगी।
