हर जरूरतमंद किसान को कर्ज देना चाहती है सरकार : रघुवीरा
हैदराबाद। कृषि मंत्री एन रघुवीरा रेड्डी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक जरूरतमंद किसान को रबी मौसम के लिए ऋण उपलब्ध कराने के पक्ष में है। आज जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रबी मौसम के दौरान लगभग ९४०० कऱोड रुपये का ऋण किसानों उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से ५५ प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बुआई का प्रतिशत कम होने के कारण ऋण का प्रतिशत काफी कम हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को श्रीराय सागर परियोजना व गोदावरी परियोजना में पानी की काफी कम उपलब्धता का देखते हुए बुआई प्रारंभ कर चुके किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
उन्होंने राज्य के ब़ाढ प्रभावित क्षेत्रों में ऋण के पुनर्नियमीकरण प्रतिशत में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आमतौर पर ऋण का पुनर्नियमीकरण मार्च माह तक हो जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए इसे अगले खरीफ मौसम तक ब़ढा दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को किसानों से चर्चा कर उन्हें ऋण जारी करने का निर्देश दियातथा किसानों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने खरीफ मौसम से पहले ऋण का पुनर्नियमीकरण नहीं किया तो अगले रबी मौसम में वे ऋण प्राप्त करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिये जायेंगे। उन्होंने अधिकारियों द्वारा किसानों को अधिक संख्या में ‘पाबला वड्डी’ ऋण नहीं उपलब्ध कराये जाने पर खेद जताया तथा बैंक अधिकारियों से किसानों को दिये जाने वाले नये ऋण को पहले दिये गए ऋण से नहीं ज़ोडने का आग्रह किया।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से उर्वरकों की कालाबाजारी व जमाखोरी पर रोक लगाने हेतु कदम उठाने का आह्वान किया और कहा कि केंद्र ने आगामी एक अप्रैल से उर्वरक की दर में प्रति बस्ते २५ रुपये की वृद्धि की है, जिससे उर्वरक व्यापारी अधिक लाभ कमाने के लिए इसकी जमाखोरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही बाजार में व्यापारियों द्वारा केंद्र के तय मूल्य से ६० रुपये अधिक दर पर उर्वरक बेचे जाने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रबी के मौसम में लगभग २२५ लाख क्विंटल बीज तथा अगले खरीफ मौसम में करीब १८४५ लाख क्विंटल बीज की आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा है। इन बीजों पर रबी के मौसम के लिए ३१५ कऱोड रुपये तथा खरीफ के मौसम के लिए २०० कऱोड रुपये की रियायत दी जाएगी। उन्होंने अनियमितता में लिप्त पाये जाने वाले डीलरों, विक्रेताआें व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की चेतावनी भी दी। कृषि विभाग की विशेष सचिव रेयला चट्टर्जी, कृषि आयुक्त सुनील शर्मा आदि ने इस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।
