तेदेपा सदस्य का माइक बंद करने को लेकर विधानसभा में हुआ हंगामा
हैदराबाद। प्रदेश विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्यों ने आज लगातार दूसरे दिन भी विधानसभा में हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी प़डी। हालांकि आज मामला यह था कि तेदेपा के एक सदस्य का माइक बंद किये जाने को लेकर पार्टी विधायकों के सदन में जमकर हंगामा मचाने पर अध्यक्ष ने उन्हें अच्छे ढंग से पेश आने की हिदायत दे दी।
इस पर विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे विधानसभा में मैनर्स सीखने नहीं आये हैं तथा जरूरत प़डने पर वे सदन की कार्यवाही को ठप भी करा सकते हैं। आज सुबह ९०५ बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद ही तेदेपा सदस्यों ने रेवंत रेड्डी का माइक चालू करने की मांग करते हुए कल रेवंत रेड्डी का माइक बंद करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष किरन कुमार रेड्डी की आलोचना की। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल में व्यवधान नहीं डाला जाना चाहिए, क्योंकि सरकार के लिए इसमें सदस्यों द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों को परखने की गुंजाइश रहती है। विपक्षी सदस्यों द्वारा फैलाई जा रही अव्यवस्था का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सदन में मुख्य विपक्षी दल से उन्हें ऐसे व्यवहार की आशा नहीं थी। इस पर तेदेपा सदस्य और हंगामा करने लगे तथा उनसे अपनी सीटों पर बैठ जाने की बारंबार अपीलों का कोई असर नहीं होने पर अध्यक्ष ने १५ मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही दोबार शुरू होने पर भी तेदेपा सदस्यो ने उसी मुद्दे पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। तब मुख्यमंत्री डॉके रोशय्या ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन का समय बर्बाद करना तथा सदन की कार्यवाही को बारबार बाधित करना सदस्यों के लिए उचित नहीं है। इससे प्रतिष्ठित सदन के सम्मान पर आंच आती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रश्नों के उत्तर देने से बचने का प्रयास नहीं कर रही है तथा सदन को परंपरागत ढंग तथा नियमों के अनुसार चलाये जाने पर बल दिया।
मुख्य विपक्षी दल के प्रति अध्यक्ष की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायुडू ने कहा कि उनकी पार्टी २६ वर्ष पुरानी हो चुकी है और उसे यह सीखने की जरूरत नहीं है कि सदन में सार्वजनिक मुद्दों पर कैसा व्यवहार करना चाहिए। मुख्य विपक्षी दल की जिम्मेदारी है कि वह अहम मुद्दों के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाये। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत प़डी तो वे सदन की कार्यवाही को ठप कर सकते हैं। उन्होंने अध्यक्ष से सीधे प्रश्न किया कि विपक्षी दलों के सदस्यों के माइक क्यों काटे जा रहे हैं? संसद में विपक्षी सदस्यों ने पिछले दो दिनों से महंगाई के मुद्दे को लेकर कार्यवाही को ठप कर रखा है। उन्होंने कहा,‘हम सदन में मैनर्स सीखने नहीं आये है। हमारे साथ स्कूली छात्रों जैसा व्यवहार मत करो।’ अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद विपक्षी सदस्यों का अपमान करना नहीं था और वे अपने शब्द वापस ले रहे हैं। इस पर तेदेपा सदस्य शांत हो गये तथा सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हो गयी।
