गरीब, किसान व मध्यम वर्ग विरोधी है आम बजट : बाबू
हैदराबाद। पूर्व मुख्यमंत्री व तेदेपा अध्यक्ष नारा चंद्रबाबू नायुडू ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा वित्त वर्ष २०१०११ के लिए आज संसद में पेश वार्षिक बजट को किसान, गरीब व मध्यम वर्ग के विरुद्ध बजट करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में आर्थिक असमानताएं कम करने का प्रयास नहीं किया गया है। बजट में कृषि उत्पादों के घटने के मौजूदा दौर में देश की जनता को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने संबंधी विधेयक का जिक्र तक नहीं है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रस्ताव व विधायिकाआें में महिलाआें को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक का उल्लेख बजट में नहीं किये जाने के प्रति विरोध जताते हुए नायुडू ने कहा कि प्रणव मुखर्जी ने कल अपनी आर्थिक समीक्षा में बजट का काफी गुणगान करते हुए किसानों के लिए काफी कुछ करने की घोषणा की थी, लेकिन जब बजट पेश हुआ तो उसमें ऐसा कुछ भी नहीं निकला।
आज यहां विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद तेदेपा विधायक दल के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नायुडू ने कहा कि प्रणव का बजट आशानुरूप नहीं है। बजट में आकाश छूती कीमतों को कम करने की कोशिश करने के बजाय पेट्रोल, डीजल व उर्वरकों के दाम ब़ढाने की घोषणा करना कहां तक उचित है। बजट में किसानों के लिए फसल बीमा का जिक्र तक नहीं किये जाने को चिंतनीय करार देते हुए नायुडू ने कहा कि आखिर सरकार उर्वरकों पर दी जा रही सात हजार कऱोड रुपये की सब्सिडी हटाकर क्या करना चाहती है।
उन्होंने कहा,‘खाद्यान्न उत्पादन में विश्व में अग्रणी हमारे देश का आज खाद्यान्नों के लिए अन्य देशों से आयात पर निर्भर होना खतरे का संकेत है। दूसरी ओर, केंद्र की गलत नीतियों व लापरवाही की वजह से पूरा विद्युत क्षेत्र तबाह हो रहा है तथा केंद्र सरकार मांग एवं आपूर्ति को ध्यान में रखकर कार्ययोजनाएं तैयार करने में विफल रही है। साथ ही कोयला व गैस के उपयोग को लेकर सुनिश्चित कार्ययोजना भी सरकार के पास नहीं है।’ चंद्रबाबू नायुडू ने कहा कि केंद्र सरकार को देश की विधायिकाओं के लिए होने वाले चुनावों में महिलाआें को ३३ प्रतिशत आरक्षण देना चाहिये और इस बारे में संसद के चालू सत्र में ही विधेयक पेश करना चाहिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त विधेयक को उनकी पार्टी पूर्ण समर्थन देगी।
