तेदेपा सदस्यों के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही २ मार्च तक स्थगित
हैदराबाद। विधानसभा में आज तीसरे दिन भी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद आज सदन की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष नांदेडला मनोहर ने दो मार्च तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
आज सदन में तेदेपा सदस्य रेवंत रेड्डी ने चिराला के विधायक कृष्णा मोहन पर रेत घोटाले में लिप्त होने का आरोप लगाया, जिस पर कृष्ण मोहन ने कहा कि वे सीबीआई, सदन समिति, सीबीसीआईडी आदि किसी भी जांच एजेंसी से उन पर लगे आरोपों की जांच कराने तथा आरोप सिद्ध होने पर वे अपने भाई श्रीनिवास सहित कोई सजा भुगतने को तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि उनके भाई ने सतर्कता एवं प्रवर्तन विभाग की रिपोर्ट, जिसमें कथित रेत घोटाले के मामले में उनसे पांच कऱोड रुपये की राशि वसूलने की सिफारिश की गयी थी, के बाद सरकार से इस मामले में कुछ समय दिये जाने का अनुरोध करते हुए याचिका दाखिल की है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या उनके भाई को सरकार से अपील करने का भी अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि तथाकथित घोटाला उनके भाई के विरोधियों व विपक्षी सदस्यों के पूर्व नियोजित षडयंत्र के अलावा और कुछ नहीं है तथा विपक्षी सदस्यों को सदन में अन्य सदस्यों व उनके परिवार वालों पर कोई भी आरोप लगाने से पहले सच्चाई जान लेनी चाहिए।
इस दौरान कृष्ण मोहन ने तेदेपा अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायुडू की आलोचना करते हुए कहा कि नायुडू ने उन जैसे वरिष्ठ सदस्य को निशाना बनाया है, जबकि खुद नायुडू ने भी अपने विरुद्ध दायर कई मामलों में स्थगन आदेश लिये थे। उन्होंने नायुडू को चुनौती दी कि वे अपने विरुद्ध लंबित मामलों के संबंध में स्थगन आदेश रद्द करवाये। इस टिप्पणी पर शोरशराबा करते हुए तेदेपा सदस्य अध्यक्ष की पोडियम की ओर द़ौड प़डे तथा उपाध्यक्ष से जमकर बहस करने लगे। प्रात: ११ बजकर ५२ मिनट पर उपाध्यक्ष ने सदन को स्थगित कर दिया।
इसके बाद जब सदन पुन: एकत्र हुआ तो तेदेपा सदस्य फिर से पोडियम की ओर द़ौड प़डे। उस समय कृष्ण मोहन अपना वक्तव्य समाप्त करने के लिए ख़डे हुए थे। तेदेपा सदस्यों के शोरशराबे के बावजूद कृष्ण मोहन ने अपनी सफाई पूरी की। बाद में उपाध्यक्ष ने सदन को मंगलवार ३ मार्च प्रात: ९ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
