निजी क्षेत्र में आरक्षण के लिए संघर्ष करें दलित संगठन : संगमा
१हैदराबाद। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा ने दलित संगठनों से निजी क्षेत्र में आरक्षण हेतु एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की और खेद जताया कि नेतागण कमजोर वगा] तक उनके संवैधानिक अधिकार पहुंचाने में विफल रहे हैं। वे भारतीय संविधान के ६० वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज यहां आयोजित संविधान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय संविधान समारोह समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित संगमा ने कहा कि कमजोर वर्ग बिना आरक्षण के भी अपनी योग्यता प्रदर्शित कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार को चाहिए कि वह अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछ़डा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग को सभी क्षेत्रों में अवसर दे। उन्होंने दलितों से ब़डा लक्ष्य रखने की अपील की और उन्होंने कहा कि मार्टिन लूथर किंग द्वितीय ने कहा था कि सभी अश्वेतों को स्वयं को ब़डा महसूस करना चाहिए, क्योंकि अश्वेत ही सुंदर हैं। दलित छात्रों को अग़डी जाति के छात्रों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने में विफल रही है। भारतीयों को संविधान में सुराख ढ़ूंढने में पारंगत बताते हुए उन्होंने कहा कि योग्य शिक्षा से ही दलितों का राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण संभव है।
समारोह समिति के अध्यक्ष बोज्जा तारकम ने बताया कि वे स्वतंत्रता व संवैधानिक प्रावधान लागू होने के ६० वर्ष पूरे होने के संबंध में अगले हफ्ते राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव काकी माधव राव तथा आंप्र अनुसूचित जाति कल्याण संगठन के महासचिव जी शंकर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
