मुख्यमंत्री के ‘वाक्आउट’ से सदन में जमकर शोरशराबा
हैदराबाद। राज्य विधानसभा में आज उस समय ब़डे अजीब और शोरशराबे के हालात बन गये, जब विपक्ष के नेता एनचंद्रबाबू नायुडू बजट पर चर्चा के बारे में मुख्यमंत्री केरोशय्या से स्पष्टीकरण मांग रहे थे और केरोशय्या सदन से ‘वाक आउट’ कर गये।
अध्यक्ष एन किरण कुमार रेड्डी ने आज प्रात: शोरशराबे के दृश्यों के बीच सदन के एकत्र होते ही कार्यवाही को स्थगित कर दिया था। दो घंटे तक सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्षी दल, खासतौर से तेलुगु देशम पार्टी ने मुख्यमंत्री के सदन से बाहर चले जाने को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया।
जब दो घंटे बाद सदन फिर से एकत्र हुआ तो मुख्यमंत्री ने अपने नर्म अंदाज में अफसोस जताते हुए कहा कि उन्हें ऊपरी सदन में किसी विशेष कार्य से जाना प़डा। उन्होंने खेद जताया कि उनके चले जाने से सदस्यों, खासतौर से विपक्ष के नेता की भावनाएं आहत हुयी हैं।
विधान परिषद में अपनी व्यस्तता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में वे अपना उत्तर पूरा कर चुके थे। विपक्ष के नेता स्पष्टीकरण मांग रहे थे और उनका सही ढंग से जवाब भी दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी कोई इच्छा नहीं थी कि सदस्यों या अध्यक्ष या विपक्ष के नेता के प्रति असम्मान जताया जाये और उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। एमआईएम के सदन में नेता उकबरुद्दीन ओवैसी ने बारबार हस्तक्षेप किया तथा आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति असम्मान जताया, क्योंकि उन्होंने विपक्ष के नेता को बोलने की इजाजत दी थी और मुख्यमंत्री सदन छ़ोडकर चले गये। कांग्रेस सदस्यों ने एमआईएम नेता की उक्त दलील का क़डा विरोध किया। तेदेपा सदस्यों ने उक्त मुद्दे को लेकर बदले की कार्यवाही की । कांग्रेस तथा तेदेपा सदस्यों के बीच जमकर वाकयुद्ध हुआ और अध्यक्ष के लिये सदन को नियंत्रण में लाना कठिन समस्या बन गयी। कृषि मंत्री एनरघुवीरा रेड्डी तथा राजस्व मंत्री एवं विधायिका मामलों के प्रभारी धर्मान प्रसाद राव मुख्यमंत्री के बचाव में आगे आये। इस पर कांग्रेस तथा विपक्षी सदस्यों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गयी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि विपक्ष के नेता के प्रति असम्मान जताने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। चंद्रबाबू नायुडू को नाम से संबोधित करते हुए रोशय्या ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी की भावनाआें को चोट पहुंचाना उनकी प्रकृति नहीं है। अध्यक्ष की ओर देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उनसे भी खुली माफी मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मैं ने किसी के प्रति कोई असम्मान प्रकट किया है तो वे उसकी सजा स्वीकार करने के लिये तैयार हैं। अध्यक्ष ने मिनट दर मिनट कल शाम से हुई बातचीत का ब्योरा याद करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने सदन को छ़ोडते समय उनकी इजाजत ले ली थी। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे इस मामले को अधिक तूल न दें।
