बॉक्साइट खनन मुद्दे पर विस में हंगामा
हैदराबाद। प्रदेश सरकार द्वारा विशाखपट्टणम जिले के एजेंसी क्षेत्र में बाक्साइट खनन की अनुमति देने पर नाराज विपक्षी दलों ने आज भारी हंगामा करते हुए विधानसभा से वाकआउट किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी प़डी।
एजेंसी क्षेत्रों में बाक्साइट खनन के मामले को तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों पीकेशव, रेवंत व अन्य ने प्रश्नकाल के दौरान उठाया था। इस मुद्दे पर एक घंटे से अधिक चर्चा हुई। चर्चा के दौरान कांग्रेस तथा तेदेपा सदस्यों में बारबार वाक्युद्ध हुआ और उन्होंने जमकर शोरशराबा किया। दोनों पक्षों की ओर से किये जा रहे वादविवाद और शोरशराबे के बीच मुख्यमंत्री केरोशय्या खामोश बैठे रहे। सूचना मंत्री जेगीता रेड्डी ने, जो सदन में नेता भी हैं, प्रदेश सरकार के बचाव के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने संबद्ध खनन नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष का रवैया सही नहीं है, इसलिए वह सरकार के खिलाफ आरोप लगा रहा है।
इससे पूर्व, मुख्य प्रश्न का उत्तर देते हुए खदान एवं भूगर्भ मंत्री बालीनेनी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि आंध्र प्रदेश खनिज विकास निगम लिमिटेड को छह खदानों की लीज सशर्त दी गयी है। ३० वर्ष की अवधि के लिए लीज देते समय संबद्ध अधिनियिमों व कानूनों का पालन किया गया है। मंत्री ने बताया कि सांविधिक संशोधन के अनुसार प्रदेश तथा केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों को लीज अधिकार आवंटित किये जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा रायल्टी के रूप में लंदन मेटल एक्सचेंज की कीमतों के अनुसार एल्यूमीनियम के लिए ८० से १०० रुपये प्रति टन वसूले जायेंगे।
तेदेपा ने एक लाख कऱोड रुपये के घोटाले का आरोप लगाया
तेदेपा सदस्य पीकेशव ने बताया कि एक पूर्व आईएएस अधिकारी, जो सरकार में एक महत्वपूर्ण पद पर थे, ने आरोप लगाया था कि एजेंसी क्षेत्रों में बाक्साइट खनन लीज मामले में एक लाख कऱोड रुपये का घोटाला हुआ है। गिरिजनों के हितों की बलि च़ढाते हुए एजेंसी क्षेत्रों में पिछले दरवाजे से खनन को लीज पर देने के लिए एपीएमडीसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद तेदेपा व कांग्रेस सदस्यों के बीच गरमागरम बहस शुरू हो गयी। केशव ने आरोप लगाया कि गिरिजन सलाहकार समिति की सलाह को नजरंदाज करते हुए सरकार ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एपीएमडीसी का ५१ प्रतिशत हिस्सा भी छ़ोड दिया गया है और खनन लीज जारी करने में वैश्विक निविदाएं भी आमंत्रित नहीं की गयीं। तेदेपा के रेवंत रेड्डी, एससोमा, संन्यासी राजू तथा अन्य सदस्यों ने आरोप
