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बाढ राहत कार्यों को लेकर सदन में हंगामा

Swatantra Vaartha  Wed, 10 Mar 2010, IST

बाढ राहत कार्यों को लेकर सदन में हंगामा

हैदराबाद, ९ माच (वत वाता)। विपक्ष ने सरकार पर गत अटूबर को देश में आयी भयावह बाढ के बाद पयात राहत काय न करने का आरोप लगाया। इसके बाद दो सदनों में साापक्ष व विपक्ष के सदयों के बीच जमकर बहस हुइ, जिससे सदन की कायवाही चार बार थगित करनी पडी।

इससे पूव, विपक्ष के नेता नारा चबाबू नायुडू ने सरकार पर बाढ पीडितों की सहायता करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उहोंने कहा कि बाढ पीडितों की हालत देखने के बावजूद देश सरकार मूकदशक बनी रही।

सरकार की ओर से राजव मी धमान साद राव ने श्री नायुडू के आरोपों का खडन करते हए कहा कि विपक्ष के नेता की आखों में जब आसू आनी चाहिए थी, तब नहीं आयी। उहोंने बताया कि १४ व १५ अटूबर १९९८ को केवल ११ यूसेक पानी आने पर श्रीशलम जलवुित उपादन सय डूब गया था आर उस समय तकालीन मुयमी दीि में आराम फरमा रहे थे, जबकि खमम के मी मोर के मास के वाद ले रहे थे। उहोंने कहा कि इस तरह के गर जिमेदार नेताआें से हमें सीख लेने की जरत नहीं है। मी ने कहा कि उनकी सरकार ने बाढ पीडितों की हरसभव सहायता की है। उसी दारान साापक्ष आर विपक्ष के नेता एकदूसरे पर आरोपयारोप लगाने लगे, जिससे सदन में भारी हगामा होने लगा। हगामे को देखते हए सदन की कायवाही थगित कर दी गयी।

आज सुबह सदन की कायवाही शु होते ही विधानसभा अयक्ष एनकिरण कुमार रेी ने वुित कटाती पर तेदेपा, पीआरपी, भाकपा, माकपा तथा भाजपा ारा अलगअलग दिये गये थगन तावों को खारिज किये जाने की घोषणा की। तेदेपा व पीआरपी के सदय लालटेन तथा सूखे धान के पाधों के साथ सदन में आये थे आर अयक्ष से बिजली सकट पर चचा कराने की माग करने लगे।

विधानसभा अयक्ष ने जब उनकी माग ठुकरा दी, तो सभी विपक्षी सदय नारेबाजी करते हए पोडियम तक चले गये, जिसके बाद अयक्ष ने १५ मिनट के लिए सदन की कायवाही थगित करने की घोषणा की। इसके बावजूद पीआरपी सदय वहीं पोडियम के पास बठे रहे।

सुबह ९५० बजे पुन: सदन की कायवाही शु होते ही विधानसभा अयक्ष ने नकाल शु करने की घोषणा की। इसपर भी गरमागरम बहस हइ। विपक्ष के सदयों ने कहा कि बाढ के कारण ५२५ गावों में लगभग २२६ लाख एकड में फसलें न हो गयी ह आर इसका मुय कारण श्रीशलम परियोजना में जलतर बढाना है। बाढ राहत काया] को लेकर साापक्ष आर विपक्षी सदयों के बीच नोंकझोंक आर गरमागरम बहस के कारण विधानसभा अयक्ष को आर तीन बार सदन की कायवाही थगित करनी पडी।


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