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हाथापाई पर उतरे कांग्रेस व तेदेपा सदस्य

Swatantra Vaartha  Thu, 11 Mar 2010, IST

हाथापाई पर उतरे कांग्रेस व तेदेपा सदस्य

हैदराबाद। ब्राह्मणी स्टील्स लिमिटेड की खनन गतिविधियों को लेकर कांग्रेस तथा तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) सदस्यों के बीच आज विधानसभा में जमकर बहस हुई और शोरशराबा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित कर दी गयी।

तेदेपा सदस्यों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान उठाये गये इस विवादास्पद मुद्दे पर १०० मिनट बहस के दौरान सदन में जमकर हंगाम व शोरशराबा हुआ। कांग्रेस व तेदेपा सदस्य बहस के दौरान हाथापाई पर उतर आये। स्थिति यह हो गयी कि अध्यक्ष द्वारा बारबार सामान्य स्थिति बनाने की अपील पर भी सदन के नेता व मंत्रियों ने ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस तथा तेदेपा सदस्यों ने बहस के दौरान पोडियम में घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद अध्यक्ष एनकिरण कुमार रेड्डी तथा बाद में उपाध्यक्ष नांदेडला मनोहर ने दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी, क्योंकि दोनों पक्षों की ओर से ही भारी शोरशराबा हो रहा था। उपाध्यक्ष ने यह घोषणा भी की कि आज के लिए सूचीकृत किये गये सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिये गये समझा जाये। दोनों पक्षों के सदस्यों से शांत रहने की अपील कर रहे माकपा सदस्य जेरंगारेड्डी ने अफसोस जताते हुए कहा कि सदस्यों का व्यवहार जनता को यह पूछने के लिए बाध्य कर रहा है कि यह विधायिका है या फिर मछली बाजार।

इससे पूर्व, आज सुबह सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। इस बीच, ब्राह्मणी स्टील्स लिमिटेड के प्रश्न उठाये जाने तथा खदान व भूगर्भ मंत्री श्रीनिवास रेड्डी द्वारा दिये गये उत्तर से सदन में तूफान ख़डा हो गया। तेदेपा सदस्यों नागम जनार्दन रेड्डी, रेवंत रेड्डी व अन्य द्वारा उठाये गये मूल प्रश्न का उत्तर देते हुए खदान मंत्री ने इस बात का खंडन किया कि ब्राह्मणी स्टील्स लिमिटेड को महत्वपूर्ण खदाने खनन के लिए सौंपी गयी है।

ओबुलापुरम खदान कंपनी, जो ब्राह्मणी स्टील्स की सहयोगी कपंनी है, को ६८५० तथा ३९८१ हेक्टेयर खदाने लीज पर दी गयी हैं, क्योंकि यह कंपनी बेल्लारी में अयस्क संयंत्र लगाना चाहती है। इसी वजह से २००७ में वे क़डपा जिला में २०,००० कऱोड रुपये की लागत से ब्राह्मणी स्टील्स लिमिटेड स्थापित करने के लिए आगे आये। भारी निवेश तथा रोजगार की संभावनाएं देखते हुए उसे खदान लीज पर दी गयी है।मंत्री ने यह भी बताया कि ब्राह्मणी स्टील्स को क़डपा में वर्ष २००७ में संयंत्र की स्थापना के लिए १०,७६०७७ एक़ड भूमि आवंटित की गयी थी और ओबुलापुरम खदान कंपनी ने लीज पर दी गयी उपरोक्त दो खदानों से ५४६ मिलियन टन लौह अयस्क की खुदाई की है, जिसकी स्थानीय तौर पर बिक्री कर रही है। इसके अतिरिक्त यह इसका निर्यात भी कर रही है। लोह संयंत्र निर्माणाधीन है और १३,००० कऱोड रुपये का निवेश किया जा चुका है।मंत्री के दावे का खंडन करते हुए जनार्दन रेड्डी ने कहा कि ब्राह्मणी स्टील्स के प्रबंध निदेशक ने स्वयं हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि ओबुलापुरम में खनन से अर्जित १५,००० कऱोड रुपये की राशि को क़डपा में लौह संयंत्र की स्थापना में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी केवल २० कऱोड रुपये निवेश कर रही है न कि सरकार के दावे के अनुसार २०,००० कऱोड रुपये और अभी तक आफिस कार्यालय के भवन तथा परिसर दीवार के अतिरिक्त कंपनी में कुछ भी कार्य नहीं हुआ है। तेदेपा विधायक रेवंत रेड्डी ने प्रश्न किया कि क्या सरकार शुगर फैक्टरी के नाम पर ब्राउनशुगर की फैक्ट्री स्थापित करने की इजाजत देगी। इस पर कांग्रेस सदस्यों की ओर से क़डा विरोध होने लगा। अध्यक्ष ने भी बिना प्रसंग के ड्रग्स का नाम लेने के लिए सदस्य की खिंचाई की। जब तेदेपा अध्यक्ष व विपक्ष के नेता एनचंद्रबाबू नायुडू ने अपनी पार्टी के सदस्य का बचाव करने का प्रयास किया, तो कांग्रेस सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया तथा उन्हें बोलने नहीं दिया।

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