अन्य राज्यों से बिजली खरीदेगी सरकार : पोन्नाला
हैदराबाद)। प्रदेश सरकार ने कहा कि अगर जरूरत हुई, तो वह बिजली की कमी पूरी करने के लिए आगामी ४० दिनों में अन्य राज्यों से बिजली खरीदेगी।
मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश में बिजली की स्थिति पर बयान देते हुए भारी सिंचाई मंत्री पोन्नाला लक्ष्मय्या ने सदन में सदस्यों को आश्वासन दिया कि प्रदेश में बिजली की कमी होने के बावजूद कृषि क्षेत्र को तीन या चार चरणों में सात घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दिनोंदिन बिजली की मांग ब़ढती जा रही है। एपीडिसकॉम्स प्रदेश की सर्वाधिक १०,४९७ मेगावाट बिजली की मांग के लिए २२३ मिलियन यूनिट बिजली आपूर्ति कर रही है। घरेलू क्षेत्र में इस वर्ष गत वर्ष की अपेक्षा १३६ प्रतिशत, वाणिज्यिक श्रेणी में १२३, औद्योगिक क्षेत्र में ८७, कृषि क्षेत्र में १२१ तथा अन्य वगा] में ९२ प्रतिशत बिजली की आपूर्ति ब़ढी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष २००४ में प्रतिदिन १५७ मिलियन यूनिट बिजली की मांग थी, जो २०१० में ब़ढकर २५५ मिलियन यूनिट रोजाना हो गयी है। लक्ष्मय्या ने बताया कि बिजली की मांग में ६२४ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी क्रम में सर्वाधिक मांग, जो २००४ में ७६१३ मेगावाट थी, २०१० में ब़ढकर ११,११८ मेगावाट हो गयी है। उपभोक्ताआें की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जो २००४ में १५७ कऱोड थी वह २०१० में २२ कऱोड हो गयी। उन्होंने बताया कि सरकार बिजली की ब़ढती मांग को पूरा करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। २००४ से अबतक ३,३२६ मेगावाट बिजली उत्पादन की व्यवस्था की जा चुकी है। उन्होंने बताया सरकार २०१४ तक ७,८०० मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता के लिए संयंत्र स्थापित करने पर विचार कर रही है।
मंत्री ने सदन को बताया कि २८ फरवरी से बिजली की कमी में वृद्धि हुई है, क्योंकि कई विद्युत संयंत्रोंगौतमी, स्पेक्ट्रम, जीवीके स्टेज२, कोनासीमा तथा वीटीपीएस६ से पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि इससे १,३८२ मेगावाट बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है।
मंत्री ने कहा कि इन पुरानी इकाइयों का शीघ्र ही नवीनीकरण किया जायेगा, तब बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहतर हो जायेगी। ग्रामीण तथा शहरी पेयजल योजनाआें को विद्युत आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्री ने बताया कि समाज के सभी वगा] खासतौर से छात्रों के परीक्षा समय के कारण, सायं छह बजे से प्रात: छह बजे तक बिजली आपूर्ति के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को विद्युत आपूर्ति करने के लिए कृतसंकल्प है।
मंत्री ने दावा किया कि मांग से महज छह फीसदी ही बिजली उत्पादन कम है। उन्होंने कहा कि सरकार बाहर से ३०० मेगावाट बिजली खरीद रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने निजी बिजली इकाइयों द्वारा २० प्रतिशत बिजली बेचने वाले शासनादेश को लागू नहीं किया है। उन्होंने विपक्ष के नेता एनचंद्रबाबू नायुडू पर आरोप लगाया कि वे जनहित और खासतौर से किसानों से ज़ुडे मुद्दों पर घ़डयाली आंसू बहा रहे हैं।
