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तेदेपा में फ्री जोन मुद्दे को लेकर मतभेद

Swatantra Vaartha  Fri, 19 Mar 2010, IST

तेदेपा में फ्री जोन मुद्दे को लेकर मतभेद

हैदराबाद। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) में आज तेलंगाना और फ्री जोन मुद्दों पर मतभेद उभर कर सामने आ गये। आंध्रा क्षेत्र के नेताआें ने हैदराबाद शहर को फ्री जोन बनाने का क़डा विरोध किया और तेलंगाना राज्य के गठन के हिमायती नेताआें ने इसका स्वागत किया।

पार्टी के विधानसभा में उपनेता डॉ नागम जनार्दन रेड्डी ने प्रस्ताव के पारित होने को तेदेपा की जीत करार देते हुए स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ३५ वर्ष पुरानी तेलंगाना की समस्या हल हो जायेगी। आज यहां संवाददाताआें को संबोधित करते हुए डॉ रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय नेता जैसे तेलंगाना राष्ट्र समिति प्रमुख केचंद्रशेखर राव तथा केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी को इस दिशा में कदम उठाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के रोशय्या तथा अन्य का आभार प्रकट किया, जिन्होंने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने को समर्थन दिया था।

एक अन्य वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ कोडेला शिव प्रसाद राव, जो पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध करते रहे हैं, ने प्रस्ताव पारित होने की क़डी मुखालफत की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति देश में कहीं भी नौकरी कर सकता है। अब तक आंध्र प्रदेश में इस प्रकार की स्वतंत्र स्थिति की कमी थी। यह आरोप लगाते हुए कि सरकार तटीय आंध्रा तथा रायलसीमा क्षेत्रों की जनता की भवनाआें को आहत कर रही है, डॉ शिव प्रसाद राव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने किये का खामियाजा भुगतना प़डेगा।

कांग्रेस पार्टी को भारी कीमत चुकानी होगी : उमा

तेदेपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक देवीनैनी उमामहेश्वर राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने फ्री जोन मुद्दे पर एक तरफा निर्णय लिया है।

मीडिया प्वाइंट पर संवाददताआें को संबोधित करते हुए देवीनैनी ने कहा कि राज्य के विभिन्न भागों के लोगों की राय जाने बिना ही इस प्रकार का निर्णय लेना अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद को छठा जोन बनाने के लिए संविधान में संशोधन व्यवहार्य नहीं है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने इसके विरुद्ध निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने किये की भारी कीमत चुकानी होगी।

प्रजातंत्र के इतिहास में काला दिवस : केशव

एक अन्य वरिष्ठ अन्य तेदेपा नेता ने फ्री जोन मुद्दे पर बिना चर्चा के ही प्रस्ताव पारित करने पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रजातंत्र के इतिहास में काला दिवस है, क्योंकि प्रजातंत्र की सभी मान्यताआें का उल्लंघन करते हुए विधानसभा में बिना चर्चा के ही फ्री जोन मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

मीडिया से बातचीत में केशव ने कहा कि कोई भी प्रस्ताव चर्चा के बाद ही पारित किया जाना चाहिए और बिना चर्चा के प्रस्ताव पारित करना अप्रजातांत्रिक है।

मुख्यमंत्री केरोशय्या ने आज एक लाइन का प्रस्ताव सदन में पेश किया, जिसमें हैदराबाद को राज्य का छठा जोन बनाने की पुन: पुष्टि की गयी थी। प्रस्ताव के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार हैदराबाद को फ्री जोन नहीं बनाया जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष एनकिरन कुमार रेड्डी ने इस प्रस्ताव पर तेदेपा के विरोध के बावजूद चर्चा की अनुमति नहीं दी। उन्होंने प्रस्ताव को सीधे ही मतदान के लिए पेश कर दिया।

फ्री जोन का प्रस्ताव अनुचित : चिरू

प्रजा राज्यम्‌ पार्टी नेता चिरंजीवी ने कहा कि सरकार द्वारा विधानसभा में फ्री जोन मुद्दे पर प्रस्ताव लाना और पारित करना अप्रजातांत्रिक है।

यह उल्लेख करते हुए कि राज्य सरकार हैदराबाद को सिक्स्थ जोन का दर्जा देने की बात कह रही है। यह पुलिस विभाग की भर्ती के लिए ही सीमित है। उन्होंने कहा कि अन्य सभी राज्यों के लोगों को हैदराबाद को राज्य का सिक्स्थ जोन घोषित किये जाने की स्थिति में कठिनाइयों का समाना करना प़डेगा। गौरतलब है कि प्रस्ताव में केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन करते हुए पैरा १४एफ निकालने की सिफारिश की गयी है।

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