नववष उसव पर होने वाली िकसी भी गडबडी से सक्थीती से िनपटा जायेगा : डीजीपी
हदराबाद। तेलगाना क्षे के कुछ नेताआें ारा नववष की पूव सया पर उसवों के आयोजन के वि दी गयी चेतावनी को सबसे बडी चुनाती के प में वीकार करते हए राय पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर आर गिरीश कुमार ने कहा िक चेतावनी को लेकर डरने की कोइ जरत नहीं ह। उहोंने आम जनता को आवासन दिया कि ३१ दिसबर की रात को होने वाली किसी भी कार की गडबडी से सती से निपटा जायेगा।
िगरीश कुमार ने आज वाषिक सवाददाता समेलन का आयोजन किया। उहोंने समेलन में बताया कि नवनियु रायपाल इ एस एल नरसिहन को राय मे वतमान कानूनयवथा की थिति से अवगत करा दिया गया ह। बिगडते हए हालात पर चिंता य करते हए उहोंने कहा कि हाल ही के दिनों में विभि राजनीतिक दलों ारा आहत बद के कारण आम आदमी सबसे अधिक भावित हआ ।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस निषेधाज्ञा के किसी भी कार के उघन से कडाइ से निपटेगी तथा कारवाइ करने में नहीं हिचकेगी। नववष की पूव सया पर पुलिस बल कानून तोडने वालों का कानूनी कोडे से मुकाबला करेगी आर समारोहों में अडचनें डालने के यासों को विफल करेगी। उहोंने कहा कि म आवासन देता ह कि पुलिसकर्मी ऐसे लोगों के हतक्षेप को कम कर नागरिकों की रक्षा के लिए सर्वाेाम यास करेंगे।
डीआइजी ने इस दलील का खडन किया कि वह दबाव के कारण तेलगाना दशनकारियों के साथ सत बताव कर रहे ह आर कहा कि पुलिसकर्मी होने के नाते वे सभी घटनाआें को यावसायिक काेिण से देख रहे ।
वही दूसरी ओर गिरीश कुमार ने हिंसा की लिपिंग को बारबार दशाने के लिए कुछ मीडिया चनलों की आलोचना की। उहोंने चेतावनी दी कि यदि उहोंने अपना यवहार नहीं बदला, तो उनके वि कानूनी नोटिस जारी किये जायेगे। मीडिया से सहयोग की बात कहते हए डीआइजी ने आशा जताइ की वष २०१० में पुलिसमीडिया गठबधन आर अधिक मजबूत होगा।
माओवादियों ारा दो जनवरी को आहूत बद के बारे में उहोंने कहा कि यह देश व राय के लिए नया नहीं ह। सीमावर्ती क्षेाें में माओवादियों की गतिविधियों पर काश डालते हए उहोंने कहा कि बहत से माकों पर तिबधित सगठनों के सदयों के सीमा पार आने के समाचार मिले ह। सीमावर्ती राय सरकारें उहें वापस जाने को मजबूर कर रही ।
यह दावा करते हए कि चरमपथी व नसलवादी गतिविधियों में उेखनीय गिरावट वष २००९ की सबसे बडी उपलधि ह, गिरीश कुमार ने कहा कि कुल मिलाकर होने वाले अपराधों में पिछले वष राय में काफी गिरावट आयी ।
उहोंने कहा कि पिछले वष इन गतिविधियों में किसी भी पुलिसकर्मी की मयु नहीं हइ ह तथा नसलियों ारा पुलिस पर हमले की केवल एक ही घटना हइ ह। हिसा की घटनाआें में भारी गिरावट आयी ह। पिछले चार सालों में हिंसा की ५६ घटनाए हइ थी, जबकि इस वष एकदूसरे पर गोलीबारी की केवल १३ घटनाए हइ ह। उहोंने बताया कि गतवष राजनीतिक या गुटीय हिंसा में १९ लोगों की जाने गयी। विरोधी गुटों की एकदूसरे पर हमले की योजनाआें की पूव खुफिया जानकारी एक की गयी। समीक्षा के अतगन वतमान वष २००९ में आतकवादी काेिण से आतरिक सुरक्षा शात रही आर कोइ बडी हिसक घटना नहीं घटी।
उहोंने बताया कि राय में सादायिक थिति भी कमोबेश शात रही तथा हिंसक घटनाआें में कमी आयी। हिंदुआें व मुसलमानों के सभी याहार शातिपूवक ढग से गुजर गये।
मानव तकरी में कमी
डीजीपी ने कहा कि आध देश मानव तकरी न होने के मामले में अगणी रहा ह। मानव तकरी रोकने के लिए राय तथा राय के बाहर बचाव अभियान चलाये गये। उहोंने बताया कि नवबर तक मानव तकरी के १८२ मामले दज किये गये आर ना अवयकों सहित २३६ पीडितों को बचाया गया। पुलिस ने मानव तकरी करने वाले ३६० लोगों तथा १८२ गाहकों को गिरतार किया। उहोंने बताया कि १६ मामलों में ६५ मानव तकरों को दोषी ठहराया गया तथा उहें आध देश पुलिस ारा चलाये गये विशेष अभियान के कारण ४ से १४ वष तक की कारावास की सजा सुनायी गयी। उहोंने बताया कि केवल राय का पुलिस सगठन ही पूरे यूरोप तथा एशिया में एक मा सगठन ह, जिसे सिएवे इटरनेशनल एसोसिएशन आफ चीस आफ पुलिस अवाड २००९ से समानित किया गया ह। यह अवाड उसे मानव तकरी विरोधी गतिविधियों के सर्वाेाम सचालन के लिए दान किया गया ह।
