सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश न करें व्यावसायिक कॉलेज : नरसिम्हन
हैदराबाद। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन आज ट्यूशन फीस की भरपायी की राशि जारी करने की मांग को लेकर कॉलेजों को बंद करने की धमकी देने वाले व्यावसायिक कॉलेजों पर जम कर बरसे तथा चेतावनी दी कि उनका यह ब्लैकमेल करने वाला हथकंडा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश जारी किये कि वे वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से साझे शैक्षणिक कैलेंडर को व्यापक आधार पर लागू करें।
राज्यपाल आज प्रात: राज्यस्तरीय रैगिंग निरोधी निगरानी प्रकोष्ठ व कुलपतियों की जुबली हॉल में आयोजित बैठक के उद्घाटन समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। श्री नरसिम्हन ने कहा कि निजी कॉलेजों को ट्यूशन फीस की भरपायी के मुद्दे को लेकर ब्लैकमेलिंग का हथकंडा नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों की स्थापना शिक्षा प्रदान करने के अच्छेे उद्देश्य के साथ की गयी है, लेकिन उनका यह दबाव डालने वाला हथकंडा उचित नहीं है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या निजी कॉलेज सरकार द्वारा की गयी फीस की भरपायी पर ही निर्भर हैं? यदि निजी कॉलेज प्रबंधनों को कोई समस्या है, तो वे अपनी समस्या के बारे में संबद्ध अधिकारियों से चर्चा कर हल कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी कॉलेजों को इस प्रकार के हथकंडे नहीं अपनाने चाहिए, जिससे छात्रों को कठिनाई का सामना करना प़डे।संकाय के कामकाज पर छात्रों के फीडबैक पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया जाना चाहिए और शिक्षा की गुणवत्ता ब़ढाने के लिए अच्छे विचार लेकर सामने आना चाहिए। उन्होंने आशा जतायी कि सभी विश्वविद्यालयों के लिए आगामी दो या तीन सप्ताह में कार्यकारी परिषद नियुक्त किये जायेंगे। उन्होंने परिषद के कार्यवाहकों के चयन के लिए विस्तृत आधार चुनने की जरूरत पर बल दिया। कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों की अवरचना पर चिंता जताते हुए नरसिम्हन ने कहा कि उन मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों को बंद करने के निर्देश कुलपतियों को दिये गये हैं, जो आवश्यक अवरचना सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुलपतियों को सरकार में पहुंच रखने वाले किसी भी कॉलेज प्रबंधन के विरुद्ध कार्यवाही करने से हिचकिचाना नहीं चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में यह बात आयी है कि कुछ कॉलेज दाखिले के मामले में विश्वविद्यालयों के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि कॉलेजों के अनुशासन के मामले में विश्वविद्यालय ‘शून्य सहनशीलता’ बरते।
रैगिंग के विरुद्ध संघर्ष पर बल
साझा शैक्षणिक कैलेंडर तथा विश्वविद्यालयों के अर्द्धवार्षिक कार्यप्रदर्शन के मानदंडों की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने साझा शैक्षणिक कैलेंडर को तुरंत लागू करने की जरूरत पर बल दिया।
