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डीएससी२००८ के अभ्यर्थियों का सचिवालय घेराव का प्रयास विफल

Swatantra Vaartha  Fri, 30 Jul 2010, IST

डीएससी२००८ के अभ्यर्थियों का सचिवालय घेराव का प्रयास विफल

हैदराबाद। डीएससी२००८ एसजीटी की लंबित काउंसिलिंग तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर डीएससी२००८ राज्य एसजीटी साधना समिति, डीवाईएफआई, पीवाईएल तथा तेलुगु युवता के तत्वावधान में अभ्यर्थियों ने आज सचिवालय घेेरने का प्रयास किया। संगठनों द्वारा एक दिन पहले ही सचिवालय घेराव की घोषणा किये जाने के मद्देनजर पुलिस ने इंदिरा पार्क के पास सुरक्षा क़डी कर दी थी। आमतौर पर सचिवालय का घेराव या चलो विधानसभा जैसी रैलियों के मामले में धरना चौक से इंदिरा पार्क चौराहे के रास्ते सचिवालय के ओर कूच किया जाता है, इसलिए पुलिस का पूरा ध्यान इंदिरा पार्क चौराहे पर ही था।

इस बीच, इंदिरा पार्क के पास ब़डी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों को देखकर अभ्यर्थी धरना स्थल से इंदिरा पार्क चौराहे की तरफ ब़ढने के बजाय उल्टा बंडा मैसम्मा की तरफ चले गये। बंडा मैसम्मा के पास बैरिकेड और कांटेदार तार हटाकर करीब २०० अभ्यर्थी सचिवालय की ओर द़ौड प़डे। दोतीन दिशों से सचिवालय की तरफ भागने वाले अभ्यर्थियों ने पुलिस को काफी परेशान किया। पुलिस ने डीवाईएफआई के अध्यक्ष बालकाशी सहित ११ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व, कुछ अभ्यर्थी एलआईसी कॉलोनी के रास्ते गोशाला तक पहुंच गये, लेकिन वहां पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने सचिवालय की ओर भाग रहे अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कुछ अन्य को लोअर टैंकबंड तथा कट्टा मैसम्मा मंदिर के पास गिरफ्तार कर गांधीनगर सहित विभिन्न थानों में भेज दियागया। उसी दौरान लगभग ३०० अभ्यर्थी थाना प्रांगण में ही धरने पर बैठ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

इससे पूर्व आयोजित धरने में डीवाईएफआई के प्रदेश अध्यक्ष बालकाशी ने कहा कि काउंसेलिंग लंबित होने से श्रीकाकुलम जिले में कस्तूरी नामक महिला अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि डीएससी२००८ की काउंसेलिंग शुरू करने में सरकार की लापरवाही के कारण अभ्यर्थी जान देने पर विवश हो रहे हैं।

बालकाशी ने कहा कि इस मुद्दे को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष ले जाने के लिए जल्द ही ‘चलो दिल्ली’ रैली का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की नियुक्ति में हो रहे विलंब के कारण ही सुधाकर ग़ौड व सोमेश्वर रेड्डी नामक दो अभ्यर्थियों ने अपनी जान दे दी, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं प़डा। उन्होंने प्रदेश सरकार से डीएससी२००८ एसजीटी काउंसेलिंग को अदालती आदेश के नाम लटकाये बिना तुरंत काउंसिलिंग आयोजित कर बेरोजगार अभ्यर्थियों की सहायता करने की मांग की।

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