तेदेपा सांसदों व विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष धरना दिया
हैदराबाद। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों, विधायकों व विधान परिषद के सदस्यों ने अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछडे वर्ग के विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस पुनर्भुगतान करने की मांग करते हुए सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय ‘सी’ ब्लाक के समक्ष धरना दिया।
ट्यूशन फीस पुनर्भुगतान के संबंध में मुख्यमंत्री के रोशय्या को ज्ञापन सौंपने सचिवालय पहुंचे तेदेपा प्रतिनिधियों को जब मुख्यमंत्री ने समय देने से इंकार कर दिया, तो उन्होंने जबरन सचिवालय में प्रवेश कर ‘सी’ ब्लाक के समक्ष धरना देना प्रारंभ कर दिया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए विधायक जी मुदुकृष्णम नायुडू ने आरोप लगाया कि सरकार उक्त योजना को समाप्त करना चाह रही है, इसलिए फीस पुनर्भुगतान में विलंब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष का ट्यूशन फीस का बकाया लगभग १६०० कऱोड रुपये है। अगर इसे चुकाया गया तो इस वर्ष के लिए इस योजना के तहत मात्र १९० कऱोड रुपये ही रह जाएगा। विधायक रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण ३१ लाख विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में प़ड गया है। उन्होंने कहा कि ट्यूशन फीस का पुनर्भुगतान करना सरकार की जिम्मेदारी व कर्त्तव्य है। जब काफी समय तक जनप्रतिनिधियों ने धरना समाप्त नहीं किया, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर नामपल्ली पुलिस स्टेशन ले गई। इससे पूर्व समाज कल्याण मंत्री पी सुभाषचंद्र बोस ने तेदेपा जनप्रतिनिधियों से उन्हें ज्ञापन सौंपने का आग्रह किया, जिसे तेदेपा जनप्रतिनिधियों ने ठुकरा दिया।
