हैदराबाद। शोक की अवधि तक जगनमोहन रेड्डी समर्थकों से अभियान रोकने के कांग्रेस हाईकमान के निर्देश का कोई प्रभाव नहीं पड़ने और खुले तौर पर उनका अभियान जारी रखने के बीच जगनमोहन ने रविवार को चुप्पी तोड़ते हुए इस मुद्दे पर निर्णय पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया।
बहरहाल, दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र ने इस बात के पर्याप्त संकेत दिए कि वह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। वहीं शुरू में कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रोसैया के मंत्रिमंडल में शामिल होने से हिचकिचाने वाले जगन समर्थक मंत्रियों को मना लिया गया।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद राज्य में तीन दिनों से जारी उहापोह समाप्त हो गया और पूर्ववर्ती वाई एस राजशेखर रेड्डी मंत्रिमंडल के सभी 34 मंत्रियों ने संविधान सम्मत जरूरत के अनुरूप फिर से पद एवं गोपनीयता की शपथ ली जिसमें दिवंगत मुख्यमंत्री के समर्थक मंत्री भी शामिल थे।
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से जुड़े घटनाक्रमों के बीच जगनमोहन रेड्डी ने आज उत्तराधिकार के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए अपने समर्थकों से अभियान बंद करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह निर्णय हाईकमान पर छोड़ दिया जाना चाहिए। चार पन्नों के संदेश में जगन ने कहा कि उन्होंने देखा है कि कुछ पार्टी नेता और कार्यकर्ता मीडिया के पास पहुंच रहे हैं और मेरे पिता वाई एस राजशेखर रेड्डी के उत्तराधिकारी के रूप में अपनी ओर से नाम सुझा रहे हैं।
बहरहाल, अपने आप को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल करते हुए 36 वर्षीय जगनमोहन ने कहा कि पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना आच्र इच्छा का सम्मान करती हैं और वह ऐसा निर्णय करेंगी कि उनके पिता राजशेखर रेड्डी के आर्दश, मिशन और उत्साह से कोई समझौता नहीं हो।
अपने पिता वाईएसआर के अंतिम संस्कार की क्रिया पूरा करने के बाद इडूपुलापाया से वापस लौटने पर जगनमोहन ने कहा कि हमारी आलाकमान जानता है और विशेष तौर पर हमारी प्रिय नेता सोनिया गांधी लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना आच्र इच्छा का सम्मान करती है। वह जानती हैं कि हमारे लिए क्च अच्छा है और हमारे राज्य एवं लोगों के लिए क्या बेहतर है।
उन्होंने कहा कि मैं हाथ जोड़ कर सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि मेरे दिवंगत पिता के उत्तराधिकार के मुद्दे पर मीडिया में जाने, हस्ताक्षर अभियान चलाने, बैनर और तख्तियों के माध्यम से प्रदर्शन करने जैसी गतिविधि को बंद किया जाना चाहिए क्योंकि इसके लिए यह सही समय नहीं है।
जगनमोहन ने कहा कि अपनी ओर से मैं यह कह सकता हूं कि मैं अपने पिता की तरह कांग्रेस पार्टी का अनुशासित और वफादार सिपाही हूं। हम दुख में डूबे हुए हैं। एक अनुशासित सिपाही के रूप में मेरे पिता की आत्मा को इससे दुख होगा। उन्होंने कहा कि मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्णय का इंतजार करें। आपसे आग्रह है कि आप इस निर्णय को मानें।
इससे पहले, वाईएसआर के सम्मान में आयोजित शोकसभा में अंतरिम मुख्यमंत्री के. रोसैया, प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष डी श्रीनिवास, केद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी और वी. हनुमंत राव तथा के. केशव राव की मौजूदगी में जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारे लगाए गए।
शोकसभा के लिए जुटी भीड़ में अधिकतर जगनमोहन के युवा समर्थक थे। इन समर्थकों में महिलाएं भी थीं। उन्होंने सांत्वना प्रस्ताव और दो मिनट का मौन रखे जाने तक इंतजार किया और इसके बाद दिवंगत नेता के बेटे को मुख्यमंत्री पद देने की मांग उठाने लगे।
जगनमोहन और उनके दिवंगत पिता राजशेखर रेड्डी की तस्वीरों वाले पोस्टर हाथों में लिए समर्थक नारे लगा रहे थे, हम जगन को चाहते हैं। अपील के बावजूद जब नारेबजी नहीं रुकी कि तो रोसैया, श्रीनिवास और जयपाल रेड्डी वहां से चुपचाप चले गए।
इसके बाद, वंशवाद के आधार पर उत्तराधिकार की आलोचना कर चुके हनुमंत राव और प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष के. केशव राव भी अन्य नेताओं के साथ वहां से चले गए। इस बीच, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज वाई एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगन मोहन से मुलाकात की लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा कि क्या वह उनके लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से कोई संदेश लेकर आए थे।
सिंह ने कहा कि वह शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने आए हैं। पार्टी हाईकमान की ओर से कोई संदेश लेकर आने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। इसके अलावा उन्होंने कोई ब्यौरा देने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस महासचिव से मुलाकात के बाद पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव राव ने संवाददाताओं से कहा कि सिंह के साथ वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा हुई। इधर, जगनमोहन रेड्डी को आंध्रप्रदेश का मुख्यंमत्री बनाए जाने के लिए समर्थकों की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बीच राज्य के सांसदों के एक समूह ने आज प्रदेश में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा की।
