एकीकृत आंध्र चाहते हैं ‘अल्पसंख्यक’ मुसलमान : मोहम्मद जानी
हैदराबाद। विधान परिषद के उपसभापति व पूर्व मंत्री मोहम्मद जानी ने कहा कि राज्य के सभी ‘अल्पसंख्यक’ मुसलमान एकीकृत आंध्र प्रदेश ही चाहते हैं। उन्होंने आज यहां विधानसभा स्थित काविद कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक भी मुसलमान राज्य का विभाजन नहीं चाहताऔर जरूरत प़डने पर इस बारे में हम कांग्रेस आलाकमान और केंद्र सरकार के समक्ष अपना मत रखने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वे श्रीकृष्णा समिति के सामने भी एकीकृत आंध्र प्रदेश चाहने की बात स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विभाजन के लिए रची गयी ष़डयंत्र व राजनीतिक अस्तित्व बनाये रखने के लिए जारी आंदोलन के बारे में श्रीकृष्णा समिति को विस्तार से अवगत कराया जायेगा और इसको लेकर वे किसी से डरने वाले व्यक्ति नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के कल्याण के समर्थन में जस्टिस रंगनाथ मिश्र समिति द्वारा की गयी सिफारिशें काफी अच्छी हैं और उक्त सिफारिशों को अमल करने से मुसलमान लोग आर्थिक, सामाजिक, विद्या, विज्ञान के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों में संर्वांगीण विकास हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से जस्टिस रंगनाथ मिश्र समिति की सिफारिशें यथावथ लागू करने की अपील करने के अलावा इस संबंध में उन्हें ज्ञापन भी सौंपेंगे।
उन्होंने बताया कि रंगनाथ मिश्र समिति ने जनसंख्या के आधार पर देश में अल्पसंख्यकों को १५ फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की है और उसमें केवल मुसलमानों को १० फीसदी, बाकी ५ प्रतिशत आरक्षण क्रिस्टियन व अन्य अल्पसंख्यक समूहों के लिए लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जहां मुसलमानों को ६९ फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है और कर्नाटक में ६८ फीसदी आरक्षण लागू है, वहीं आंध्र प्रदेश में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को बहुत कम आरक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य शेख हुसैन आदि उपस्थित थे।
